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अस्पताल में डॉक्टर ने महिला से किया रेप, दूसरी को बनाया बंधक, ऐसा मिलता है इलाज

अस्पताल में इलाज के लिए आई महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल।

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लखनऊ

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Dhirendra Singh

Sep 26, 2017

Rape in Hospital

Rape in Hospital

लखनऊ. राजधानी में अपने मर्जों की दवा कराने अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं की आबरू की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में भी महिलाओं से रेप की घटानाओं को अंजाम देने में अपराधिक मानसिकता के लोगों को भय नहीं लग रहा है। हाल में केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल में पति को दिखाने आई महिला के साथ कर्मचारियों ने गैंगरेप किया था। अब एक महिला से निजी अस्पताल में डॉक्टर द्वारा रेप की वारदात को अंजाम देने की घटना सामने आई है। वहीं दूसरे मामले में महिला को डिस्चार्ज करने व मृत बच्चे का शव देने के लिए दोनों को अस्पताल की फीस भरने के नाम पर बंधक बनाने का शर्माशार करने वाला मामला सामने आया है।

डॉक्टर पर महिला से रेप का आरोप
मड़ियाव थाना क्षेत्र के अलीनगर में एक निजी क्लीनिक में डॉक्टर पर इलाज के लिए आई महिला को बेहोश कर बलात्कार करने का आरोप लगा है। करीब एक हफ्ते से सीतापुर में रहने वाली 28 वर्षीय महिला का इलाज हलेथ पॉलीक्लीनिक में चल रहा था। हाल में ही परेशानी बढ़ने पर उसे इस क्लीनिक में भर्ती कराया गया। महिला के साथ उसका पति भी था। पुलिस के मुताबिक जो डॉक्टर महिला का इलाज कर रहा था उसने पति को बहाने से बाहर भेज दिया। इसके बाद महिला को नींद का इंजेक्शन देकर बलात्कार किया। होश आने पर महिला को अंदेशा होने पर पति को बताया और फिर को सूचना दी गई। पुलिस ने कथित आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं जांच में सामने आया है कि उक्त क्लीनिक का लाइसेंस तक नहीं है। वहीं डॉक्टर के पास उसके पेशे से जुड़ी कोई डिग्री भी नहीं हैं।

महिला मरीज और मृत नवजात का शव बंधक रखा
डॉक्टरी के पेशे को शर्मशार करने वाली दूसरी घटना मोहनलालगंज के संजीवनी अस्पताल में सामने आई। दरअसल टैक्सी चालक अंकित की पत्नि मानसी को शनिवार देर रात प्रसव पीड़ा हुई। वह उसे लेकर सीएचसी पहुंचा। लेकिन मानसी की हालत देख उसे निजी अस्पताल ले जाने की राय दी गई। इसके बाद वह संजीवनी अस्पताल पहुंचा। आरोप है कि यहां इलाज में लापारवाही के चलते नवजात बच्चे की मृत्यु हो गई। इसके बाद जब उसने अंतिम संस्कार के लिए बच्चे का शव मांगा, तो अस्पाल प्रशासन ने फीस भरने तक शव और पत्नी से मिलने देने पर रोक लगा दी। अस्पताल फीस के 6 हजार किसी तरह चुकाने पर उसे बच्चे का शव मिला। इसके बाद बाकी ढाई हजार न चुकाने पर पत्नी को बंधक बनाए रखा गया। जब एक दिन बाद अंकित पैसे लेकर आया, तब मानसी को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इस संबंध में अंकित ने एसडीएम स्तर पर शिकायत की है।