
drug crisis
लखनऊ। राजधानी के सिविल अस्पताल में गम्भीर
बीमारियों की दवाओं का संकट हो गया है। यहाँ मरीजों के दिल, ब्लड प्रेशर
सहित तमाम गम्भीर बीमारियों की दवाएं मरीजों की नहीं मिल पा रही हैं लेकिन
अभी इन दवाओं का संकट केवल सिविल अस्पताल तक है लेकिन आने वाले दिनों में
पूरे प्रदेश के अस्पतालों में इन दवाओं का टोटा हो सकता है।
जानकारों
के मुताबिक़ दरअसल यूपी के अस्पतालों में दवा दो जगह से सप्लाई होती है
सीएमएसडी आर सी और ईएसआई आरसी से। सीएमएसडी राज्य सरकार का ड्रग सप्लाई
स्टोर है वहीं ईएसआई आरसी केंद्र सरकार का। वर्तमान डीजी हेल्थ सुनील
श्रीवास्तव ने ईएसआई आरसी से दवा लेने पर पर रोक लगा दी।
उसके
बाद डीजी हेल्थ ने दवा की सप्लाई का दूसरा कोई विकल्प भी नहीं दिया। जिसके
चलते गम्भीर मर्ज की दवाओं का संकट हो गया है। अगर इस पर गम्भीरता से
विचार न किया गया तो आने वाले दिनों पूरे यूपी के अस्पतालों में गम्भीर
मर्ज की दवाओं का संकट हो जाएगा।
इन दवाओं का संकट
सीने में दर्द के लिए मोनोनाइट्रेट 20, दिल की
बीमारी वाली निकोरेंडिल, नाइट्रोकान्टीन मरीजों को नहीं मिल रही है। वहीं,
ब्लड प्रेशर की दवा रैमीप्रिल, प्रोपनोलाल की किल्लत है।इसके आलावा मानसिक बीमारी, नींद की दवा का भी संकट है।
क्या कहते हैं डीजी हेल्थ
इस बारे में डीजी हेल्थ सुनील श्रीवास्तव का कहना है फिलहाल उनके पास अस्पतालों में दवा संकट की कोई शिकायत नहीं आई है। रही बात गम्भीर मर्ज की दवाओं का तो एलपी का ऑप्शन उपलब्ध रहता है।
Published on:
01 May 2016 11:23 am
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