
अपने साथ पांच IAS अधिकारियों को भी ले डूबा गायत्री प्रसाद प्रजापति, CBI के बाद ED की कार्रवाई में फंसे
लखनऊ. समजावादी पार्टी (Samajwadi party) की सरकार में हुए अवैध खनन मामले में सीबीआई (CBI) जांच के साथ ही अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) (Enforcement Directorate) ने भी कार्रवाई कर दी है। ईडी अब हमीरपुर के अलावा शामली, फतेहपुर, कौशाम्बी व देवरिया में हुए खनन घोटाले के मामलों में जांच करेगी। ईडी ने पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri prajapati) और 5 आईएएस (IAS) अफसरों समेत 16 के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट से केस दर्ज कराया है। ईडी हमीरपुर खनन घोटाले के मामले में पहले से ही पूर्व मंत्री गायत्री के खिलाफ जांच कर रही है। आइएएस बी.चंद्रकला के बाद अब आईएएस अधिकारी अभय सिंह, संतोष कुमार राय, विवेक, देवी शरण उपाध्याय व जीवेश नंदन की संपत्तियां भी ईडी के निशाने पर होंगी।
जानकारी हो कि ईडी ने बीते दिनों हमीरपुर खनन घोटाले के मामले में कोर्ट की अनुमति पर पूर्व मंत्री गायत्री से चार दिन पूछताछ की थी। सीबीआइ ने जुलाई में खनन घोटाले में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। फतेहपुर व देवरिया में भी खनन घोटाले में केस दर्ज किये थे। सीबीआइ ने इन केसों में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के अलावा फतेहपुर के तत्कालीन डीएम अभय सिंह, आइएएस अधिकारी जीवेश नंदन, संतोष कुमार, देवीशरण उपाध्याय व तत्कालीन डीएम देवरिया को नामजद किया था। ईडी ने इन दोनों केस की एफआइआर को परीक्षण के लिए लिया था और केस दर्ज करने का अप्रूवल दिल्ली मुख्यालय से मांगा था। सीबीआइ कौशाम्बी व शामली में खनन घोटाले की जांच पहले से कर रही है। ईडी ने सीबीआइ के इन दोनों केसों को आधार बनाकर मनी लांड्रिंग के केस दर्ज किये है।
शामली के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री के करीबी विकास वर्मा व अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू समेत अन्य पर केस दर्ज किया गया है। ईडी अब आरोपितों की संपत्तियों का ब्योरा खंगालेगी।
Updated on:
04 Aug 2019 12:30 pm
Published on:
04 Aug 2019 12:21 pm

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