ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सख्त लहजे में कहा कि बिजली कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए 4 घंटे की मोहलत देता हूं। अगर वह काम पर वापस नहीं लौटे तो उन्हें बर्खास्त किया जाएगा।
यूपी में बिजली कर्मचारियों का प्रदेश व्यापी हड़ताल का आज दूसरा दिन है। कर्मचारियों के हड़ताल से राज्य में बिजली का संकट बढता जा रहा है। बिजली ना आने अब उपभोक्ता भी सब्र का बांध टूट गया है। प्रदेश के कई जिलों में पावर स्टेशन के बाहर लोगों ने हंगामा किया। ऐसे में अब यूपी सरकार ने सख्त रूख अपनाया है।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मामले में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस की। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली संकट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई। मुख्यमंत्री योगी को पूरे मामले से अवगत कराया गया है।
"22 नेताओं के खिलाफ दर्ज कराई गई है एफआईआर"
एके शर्मा ने कहा "विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के 22 नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। इन लोगों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई होगी। इनमें से छह को निलंबित किया जा रहा है। अब तक 1332 संविधाकर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है।
उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि मैं बिजलीकर्मियों को 4 घटें की मोहलत देता हूं। अगर वें हड़ताल खत्म कर काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सभी से अपील करता हूं कि जनता और अपने परिवार के हित में काम पर लौटें। वहीं दूसरी एजेंसी इंजीनियरिंग कॉलेज से छात्रों को ले रहे हैं। जिन बिजलीकर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है उनकी जगह नए लोगों की सेवाएं में लेंगे।
"बातचीत के लिए खुले हैं दरवाजे"
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि कुछ संगठन पांच दिन से हड़ताल पर हैं। उनसे बात करने का लगातार प्रयास कर किया जा रहा है। बातचीत के दरवाजे खुले हुए हैं। कई संगठन जनता के हितों की रक्षा कर रहे हैं। वे निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। इन सभी का आभार है। कई निजी कंपनियों ने उत्पादन इकाई में मदद की है। उत्पादक क्षमता 28 मेगावाट की है। जरूरत कम है।
उन्होंने कहा कि कल रात में आंधी- पानी आने की वजह से कुछ जगहों पर फॉल्ट हुआ है। वहां पर अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं। जल्द ही सही हो जाएगा। कुछ जगह कर्मचारियों ने समस्या खड़ी की थी। इसके साथ ही कई जगहों पर शार्ट सर्किट करने का प्रयास किया गया है। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।