
मध्य प्रदेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में कराने के लिए कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की घोषणा के बाद अगले महीने नवंबर से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) में इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। हालांकि छात्रों के पास अंग्रेजी में पढ़ने का भी विकल्प होगा। खासतौर से हिंदी मीडियम के छात्रों के लिए सीएम ने यह व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। जिसके बाद से बीटेक की किताबों का हिंदी में अनुवाद करने का काम शुरू कर दिया गया है। कई किताबों के अनुवाद का काम पूरा भी हो गया है।
टीचरों को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
AKTU से मिली जानकारी के अनुसार, इसी सत्र से बीटेक फर्स्ट ईयर की पढ़ाई हिंदी में शुरू हो जाएगी। यूनिवर्सिटी ने इसके लिए पहल शुरू कर दी है। वहीं छात्रों को यह सुविधा देने के लिए बकायदा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परषद (AICTE) काम कर रहा है। एकेटीयू के वीसी प्रोफेसर पीके मिश्रा ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में भी होने से छात्रों को बहुत फायदा होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई शब्दावली टेक्निकल रूप से अंग्रेजी में ही है तो शिक्षक हिंदी माध्यम के छात्रों को इस शब्द की अवधारणा को समझाएंगे। इसके लिए यूनिवर्सिटी के टीचरों को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जा रही है।
परीक्षा के लिए मिलेंगे दो विकल्प
बता दें कि अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी और उससे सम्बद्ध कॉलेजों में हिंदी के प्रथम वर्ष की पढ़ाई हो सकेगी। हालांकि इसके लिए परीक्षा के पैटर्न में भी बदलाव किया जाएगा। परीक्षा के पैटर्न में अंग्रेजी के साथ ही हिंदी का प्रश्नपत्र भी दिया जाएगा। ऐसे में छात्रों के पास दो विकल्प होंगे। यदि उन्हें अंग्रेजी भाषा में प्रश्नपत्र हल करना है तो वह अंग्रेजी में कर सकेंगे। यदि हिंदी भाषा में छात्र परीक्षा देना चाहते हैं तो उसमें दे सकेंगे। फिलहाल अभी यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष के लिए एडमिशन चल रहे हैं और नवंबर 2022 से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने की थी घोषणा
गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर को मेडिकल के साथ-साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में कराने की घोषणा की थी। इस बावत उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था, 'उत्तर प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग की कुछ पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद कर दिया गया है। आगामी वर्ष से प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इन विषयों के पाठ्यक्रम हिंदी में भी पढ़ने के लिए मिलेंगे।' बता दें कि एमबीबीएस के तीन विषयों की किताबों के हिंदी में अनुवाद के लिए विशेष तौर पर तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया गया है। जिसमें जैन रसायन, शरीर रचना और चिकित्सा शरीर विज्ञान शामिल हैं।
Published on:
30 Oct 2022 12:11 pm
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