
ठक में ज्ञानवापी, समान नागरिक संहिता और धर्म परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। AIMPLA के कार्यकारी सदस्य कासिम रसूल इलियास ने ANI को बताया, "बैठक में भविष्य की रणनीति भी बनाई जाएगी। इसमें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सहित 51 कार्यकारी सदस्य शामिल होंगे।”
मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर की जाएगी बातचीत
कासिम रसूल इलियास ने बताया, “5 फरवरी को होने वाली मीटिंग में समान नागरिक संहिता सहित मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की जाएगी।” इससे पहले केंद्र सरकार ने यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर अपना राय दे चुकी है।
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यूनियन लॉ मिनिस्टर किरेन रिजीजू ने राज्यसभा में कहा था, “22वां लॉ कमीशन यूनिफार्म सिविल कोड पर बात कर सकता है। सरकार ने भारत के 21वें लॉ कमीशन से अपील की थी कि समान नागरिक संहिता से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा करें और उस पर अपनी राय दें।”
BJP के चुनावी वादों में यह शामिल था
समान नागरिक संहिता बीजेपी का एक अहम सियासी मुद्दा रहा है। साल 2014 और 2019 के लोकसभा इलेक्शन में यह BJP के अहम चुनावी वादों में शामिल था। उत्तराखंड और गुजरात जैसे BJP सरकार वाली कुछ रियासतों ने इसे लागू करने की ओर कदम बढ़ाया है।
हैदराबाद के MP और AIMIM के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी इस पर कई बार सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है, “जब-जब इलेक्शन का समय नजदीक आता है, BJP ऐसे मुद्दों को हवा देना शुरू कर देती है। ये BJP की पुरानी आदत है। अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए BJP यूनिफॉर्म सिविल कोड का ईशू उठाती रहती है।
Updated on:
04 Feb 2023 07:19 pm
Published on:
04 Feb 2023 07:18 pm

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