
File Photo of Fraud Manish Singh Arrested by Lucknow Police in VibhutiKhand Police Station
उत्तर प्रदेश में खुद को मीडिया की आड़ में रखकर लोगों से वसूली करने वाला और जबरन धमकी देकर रुपए ऐंठने वाले शातिर अभियुक्त मनीष सिंह अब जेल की हवा खा रहा है। जिसे लखनऊ कमिश्नर पुलिस ने जाल बिछाकर गिरफ्तार कर लिया है। फ़्राडिया मनीष सिंह के ऊपर विभूतिखंड थाने में काफी क्राइम के मामले दर्ज किए गए थे। जिसमें धमकी देना, 420, और भी कई प्रकार से लोगों को बहला फुसलाकर अपनी कंपनी में पैसा लगवाने के नाम पर वसूली की जाती थी। साथ ही नौकरी के नाम पर भी ठगी करने और लड़कों लड़कियों को वसूली के काम में लगाया जाता था। मनीष सिंह व उसके साथी मिलकर एक सिंडिकेट चलाते थे। जिसे छुपाने के लिए बड़े टीवी चैनल के नाम से अपना (नेशनल खबर) के नाम से एक मीडिया हाउस को बदनाम भी कर रहे थे।
मनीष सिंह एक प्रतिष्ठित में मीडिया हाउस नेशनल खबर के नाम पर न्यूज़ पोर्टल रजिस्टर करा कर काम कर रहा था। जिसके खिलाफ देवरिया जिले में भी पुलिस कई बार दबिश दे चुकी थी। लेकिन वह लोगों से फ्रॉड करके बाहर बाहर घूम रहा था। इस मामले पर लखनऊ के अपर पुलिस उपायुक्त एसएम कासिम आदि द्वारा एक टीम का गठन किया गया था। जिसने बहुत ही तेजी के साथ ऐसे फ्राड़िए को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। जिस टीम में थाना विभूति खंड पुलिस के उप निरीक्षक यशवंत सिंह, जसीम, हेड कांस्टेबल राघव राम पांडे, कौमुदी त्रिपाठी समेत 4 लोगों की टीम बनाई गई थी।
लखनऊ कमिशनरेट पुलिस द्वारा बनी इस टीम ने बहुत ही सूझबूझ के साथ काम लेते हुए। फरार चल रहे मनीष सिंह को गिरफ्तार किया है। मनीष सिंह के ऊपर विभूति खंड थाने में 406, 420, 504 और 506 की धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
मनीष सिंह मूलतः नेहरू नगर न्यू कॉलोनी देवरिया जिला के रहने वाले हैं जबकि इनका लखनऊ में पता 404 वृंदावन सेक्टर 4 के बहादुर विवाह जो कि पीजीआई थाना के अंतर्गत आता है। इन्हें वृंदावन सेक्टर 8 से लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके ऊपर कंपनी सो फास्ट कार प्राइवेट लिमिटेड में गाड़ियों को लगवा करके ठगी का काम किया जाता था। जब कोई इनसे अपनी गाड़ी का पैसा मांगता था तो यह उसकी गाड़ियों को गायब कर देते थे। उसके खिलाफ फर्जी मीडिया बाजी करा कर के परेशान करते थे। इसकी आड़ में इन्होंने करोड़ों रुपए का हेर फेर किया। फिलहाल इनसे पूछताछ करने के बाद इन्हें जेल भेज दिया गया है।
अब पुलिस एक-एक करके इनके सभी फर्जी कामों को निकालने का काम कर रही है और सभी लोगों से विवरण जुड़ा करके पुलिस तक पहुंचाने की अपील भी की जा रही है , जिससे इन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
आपको बताते चलें कि लखनऊ पुलिस पिछले काफी दिनों से अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में तेजी लेकर आई है यह तेजी कमिश्नर डीके ठाकुर के नेतृत्व में लाई गई है जिसका नेतृत्व सहायक के रूप में अमित कुमार आनंद भी कर रहे हैं पुलिस ने काफी कम समय में काफी सराहनीय काम किए हैं।
Published on:
11 Apr 2022 12:48 am
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