एक ऐसी फिल्म जिसे लखनऊ वासी शायद ही कभी भूल पाएंगे। वह इसलिए भी कि इस फिल्म की लगभग पूरी की पूरी शूटिंग नवाबों की नगरी में ही हुई थी। जी हां हम बात कर रहे हैं सनी देओल की ब्लॉकबास्टर मूवी 'ग़दर' की है। इस फिल्म को भले ही 15 साल बीत चुके हैं लेकिन इसके डायलॉग आज भी लोगों के बीच फेमस हैं। आइये ग़दर फिल्म के ऐसे ही कुछ डायलॉग पढ़कर पुरानी यादों को ताजा करते हैं :
बाप-बाप होता है, बेटा बेटा होता है......मतलब! मतलब तुम्हारा हिन्दुस्तान निकला तो पाकिस्तान में से ही है
अशरफ अली.... तुम्हारा पाकिस्तान जिंदाबाद है, इससे हमें कोई ऐतराज नहीं। मगर हमारा हिन्दुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा....
बाप बनकर बेटी को बिदा कर दीजिये, इसी में सबकी भलाई है। वरना अगर ये जट बिगड़ गया तो सैकड़ो को ले डूबेगा
अगर मैं अपने बीवी बच्चों के लिए सिर झुका सकता हूँ तो सबके सिर काट भी सकता हूँ
मुसलमानी है ये.... ये मुसलमानी ! लो अब ये हो गयी सिखणी, अब किसी ने इसकी तरफ आँख भी उठाई ना! वाहे गुरु जी दी सौ... गर्दन उखाड़ दूंगा ....
एक कागज़ पर मुहर नहीं लगी तो तारा पाकिस्तान नहीं जायेगा .....
बरसात से बचने की हैसियत नहीं और गोलीबारी की बात कर रहे हैं आप लोग !
सांस जिस्म में आना भूल सकती है, सुबह निकलना भूल सकती है, आप अपने खुदा को भूल सकते हैं लेकिन हम उन्हें भूल जायें, नामुमकिन है ये