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जानिए, क्या है कृषक दुर्घटना कल्याण योजना जिसे कैबिनेट में मिलेगी मंजूरी

अंतर्गत प्रदेश के करीब चार करोड़ किसानों व बटाईदारों के आश्रितों को दुर्घटना में मृत्यु पर पांच लाख रुपये मुआवजा व दिव्यांग होने पर लाभार्थी को 5 लाख रुपये तक की सहायता की व्यवस्था होगी

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लखनऊ

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Ruchi Sharma

Jan 21, 2020

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किसानों के लिए बीजेपी की नई पहल

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मंगलवार को कैबिनेट बैठक में किसानों पर केंद्रित सामाजिक सुरक्षा की सबसे बड़ी योजना लागू करने जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश के करीब चार करोड़ किसानों व बटाईदारों के आश्रितों को दुर्घटना में मृत्यु पर पांच लाख रुपये मुआवजा व दिव्यांग होने पर लाभार्थी को 5 लाख रुपये तक की सहायता की व्यवस्था होगी। इसके लिए राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना की जगह मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना लागू की जाएगी। प्रदेश में लागू मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना में केवल खतौनी में दर्ज खाताधारक व सह खातेदार किसान शामिल थे। इसके बावजूद बीमा कंपनियों के जरिए किसानों को सरकार की ओर से अदा किए जा रहे प्रीमियम के बराबर भी मुआवजा नहीं मिल पा रहा था। इस फीडबैक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना से बीमा की व्यवस्था समाप्त कर इसे नए स्वरूप में लाने और योजना का संचालन जिलाधिकारियों के स्तर से कराने का निर्देश दिया था।

इस योजना के उद्देश्य

दरअसल किसान जब खेत में काम करते है या कोई मशीनीकरण के द्वारा काम करते समय दुर्घटना हो जाती हैं। जैसे उदाहरण के लिए जब किसान अपनी फसल की कटाई और छटाई करता है और उस फसल को जब थ्रेसर में कटाई के लिए लगाते है तो दुर्घटना हो जाती है। ऐसे में ही और कारणों से दुर्घटना हो जाती है या आरा मशीनों में हाथ कटने से विकलांगता आ जाती हैं। कई बार जब किसान खेत में काम करते हैं तो वहां जानवरों का भी डर रहता है जैसे सांप, बिच्छु का और भी बहुत से कारण है जिससे किसानों की दुर्घटना हो सकती है या दुर्घटना के दौरान मृत्यु तक हो सकती हैं। इन सभी कारणों में ध्यान रखते हुऐं सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना शुरू की हैं।

योजना की पात्रता

-समस्त खातेदार-सह खातेदार किसान जिनकी दुर्घटनावश मृत्यु हो जाती हैं।
-ऐसे किसान जो दुर्घटनावश दिव्यांग हो जाते हैं।
-किसान के परिवार की आय का मुख्य स्त्रोत केवल कृषि करना और कृषि से की आय से अपनी जीविका चलाना।
-भूमिहीन किसान जो पटटे से प्राप्त जमीन पर खेती करता हैं।
-योजना का लाभ दुर्घटना होने की तिथि से लगाया जायेगा।
-सरकार ने 18 वर्ष से 70 वर्ष के आयु के किसानों का प्रस्ताव रखा हैं।
-किसान उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।