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पूर्व सांसद इस पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित, सपा करेगा ज्वाइन

पूर्व सांसद इस पार्टी को छोड़ समाजवादी पार्टी का दामन थाम रहे हैं।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Oct 03, 2019

लखनऊ. उपचुनाव से पूर्व कई नेता दल बदल का सिस्टम अपना रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व सांसद रमाकांत यादव कांग्रेस छोड़ रहे हैं और अब वे समाजवादी पार्टी का दामन थाम रहे हैं। लेकिन इसी दो देखते हुए कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई है। कांग्रेस ने पूर्व सांसद रमाकांत यादव को अनुशीसनहीनता में संलिप्तता के चलते पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अशोक सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उप्र कांग्रेस कमेटी के अनुशासन समिति के सदस्यों अनुग्रह नारायण सिंह, राम जियावन एवं विनोद चौधरी ने रमाकान्त यादव को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

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मुलायम के करीबी रहे हैं रमाकांत-

निर्दलीय राजनीति से शुरुआत करने वाले रमाकांत समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे हैं। उनके सपा ज्वाइन करने को घर वापसी के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व भाजपा सांसद रमाकांत यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले विगत अप्रैल माह में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। दरअसल लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था, जिससे नाराज होकर वहकांग्रेस में चले गए, जिसने उन्हें भदोही से मैदान में उतारा था। लेकिन बावजूद इसके वह भाजपा से हाथों हार गए। यही नहीं उनकी जमानत भी जब्त हो गई। अब उन्हें अपना पुराना समाजवादी पार्टी का घराना याद आया है, जिसे वह बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

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उन्होंने बताया कि वह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होंगे। उन्होंने केन्द्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार पर भी निशाना साधा। रमाकांत यादव ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और अपराध में लगातार बढ़ावा हो रहा है। गरीब का जीना मुहाल हो गया है। 2022 में प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में एक बार फिर समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानमंडल दल के विशेष सत्र बहिष्कार करने के सपा के फैसले को भी सही ठहराया और कहा कि सत्ता के मद में जब लोग नहीं रुकते हैं तो विपक्ष बहिष्कार ही करेगा।