
लखनऊ. जैसे जिंदगी दोस्तों के बिना अधूरी है, वैसे ही खाना पेप्सी के बिना अधूरा है। ये कहना है फुकरे रिटर्न्स के डैशिंग बॉयज पुलकित सम्राट , वरूण शर्मा और मनजोत सिंह का, जिन्होंने नवाबों की नगरी में पेप्सी के न्यू कैंपेन 'क्यों सूखे-सूखे ही' का प्रमोशन किया।
पेप्सी सिर्फ प्यास न बुझाए
पेप्सी लगभग हर किसी को पसंद होती है। कुछ इसे प्यास बुझाने का सिर्फ एक जरिया ही समझते हैं लेकिन पेप्सी सिर्फ चिलचिलाती गर्मी में सूखे गले को राहत देने के लिए नहीं है। क्यों सूखे-सूखे ही अभियान से फुक्रे रिटर्न्स के हनी और चूचा और अभिनेता मनजोत सिंह पेप्सी को दोस्ती और फूड का बेस्ट कॉम्बिनेशन मानते हैं। ये तीनों कलाकार हजरतगंज के लोकप्रिय ईटिंग स्पॉट दस्तरख्वान रेस्टोरेंट पहुंचे जहां उन्होंने पेप्सी के न्यू कैंपेन का प्रमोशन किया।
लखनवी जायके की बात ही अलग है
यहां प्रमोशन तो पेप्सी का हो रहा था, लेकिन लखनऊ आए हर मेहमान अगर टुंडे कबाबी और टोकरी चाट के दीवाने न हो जाएं, तो फिर बात ही क्या। बस नवाबों की नगरी में पधारे तीनों कलाकारों ने लखनवी जायके का जमकर लुत्फ लिया। ये जायका और भी मजेदार हो गया जब इसमें पेप्सी फ्लेवर ऐड किया गया यानी कि इसे पेप्सी के साथ लिया गया।
ये शहर इतिहास, संस्कृति और खाने का बेहतरीन मिश्रण
''क्यों सूखे-सूखेे ही'' का प्रमोशन करने आए एक्टर वरूण शर्मा ने लखनऊ की तारीफ में कहा कि उनके लिए ये शहर इतिहास, संस्कृति और खाने का बेहतरीन मिश्रण है। इस शहर का जज्बा बेजोड़ है और इस दौरे के दौरान मैं उपलब्ध सबसे बेहतरीन चीजें हासिल करने की कोशिश कर रहा हूं। इस बार पेप्सी का ’’क्यों सूखे सूखे ही’’ अभियान मुझे इस शहर में वापस लाया है।
यूपी के आकर्षक शहरों में से एक है
दोस्तों की इस टोली के तीसरे सदस्य मनजोत सिंह ने कहा, ''लखनऊ उत्तर प्रदेश के सबसे आकर्षक शहरों में से एक है और मैं पेप्सी के साथ-साथ यहां के लजीज व्यंजनों का स्वाद भी लेने आया हूं''। उन्होंने कहा कि क्यों सूखे सूखे ही अभियान पुलकित और वरुण के साथ मेरी दोस्ती को सर्वश्रेष्ठ तरीके से दर्शाता है। जब भी हम तीनों एक साथ होते हैं, तो वहां ढेर सारी हंसी और मस्ती होती है। असल में हम जब भी मिलते हैं तो ज्यादातर रूप से खाने पर ही मिलते हैं। खाने का स्वाद तब और बढ़ जाता है, जब उसके साथ पेप्सी भी होती है। कुल मिलाकर देखा जाए, तो बिना पेप्सी के खाने में मजा ही नहीं।
पेप्सिको इंडिया के बारे में
पेप्सिको ने साल 1989 में भारतीय बाज़ार में कदम रखा था और अब यह भारत में सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय फूड एंड बेवरेज कंपनी बन चुकी है। पेप्सिको इंडिया नियमित तौर पर देश में निवेश कर रही है और देशभर में स्थित 62 संयंत्रों के साथ कंपनी ने अपना विस्तृत बेवेरेज और स्नैक फूड कारोबार विकसित कर लिया है। पेप्सिको इंडिया के विविधता भरे पोर्टफोलियो में पेप्सी, लेज़, कुरकुरे, ट्रॉपिकाना 100, गैटोरेड और क्वेकर जैसे आइकॉनिक ब्रांड्स शामिल हैं।
कार्यक्रम में तीनों कलाकारों के साथ पेप्सीको इंडिया के मार्केटिंग हेड राज ऋषि सिंह भी मौजूद थे। इस अभियान के बारे में राज ऋषि सिंह ने कहा, ’’पेप्सी ने हमेशा उपभोक्ताओं के साथ संदर्भ के लिहाज से प्रासंगिक तरीकों से संपर्क करने की कोशिश की है। हमारा मानना है कि ’’क्यों सूखे सूखे ही’’ अभियान के साथ हम पेप्सी को मौज-मस्ती के हर मौके पर आगे ला सकेंगे। यह अभियान एक अनोखे तरीके से दोस्त, खाने और पेप्सी का उत्सव मनाता है। हमें भरोसा है कि लखनऊ में पेप्सी के प्रशंसक अपने गरमा गर्म खानों को ठंडी पेप्सी के साथ आनंद से लेंगे।’’
आउट डोर और डिजिटल अभियान का भी समर्थन
इस 360 डिग्री अभियान को बड़े पैमाने पर आउट डोर और डिजिटल अभियान का समर्थन भी मिलेगा। केएफसी, पिज्जा हट और सबवे जैसे साझेदारों के साथ विशेष प्रमोशन भी किए जाएंगे। नई पीईटी बोतलों पर खाने से प्रेरित विजुअल्स देखने को मिलेंगे और ये देश में सभी आधुनिक और पारंपरिक आउटलेट्स पर उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होंगे।
Updated on:
03 Apr 2018 05:57 pm
Published on:
02 Apr 2018 06:52 pm

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