
अगर बैठ गया हैं आप का गला तो करें यह उपाय
लखनऊ , कौन सी बीमारी कब आ जाये यह किसी को नहीं पता होता हैं। डॉ शीला श्रीवास्तव ने बतायाकि बदलते मौसम में अक्सर बीमारियां घेर लेती हैं और हम सभी उस बीमारी की चपेट में आ जाते है मौसम के बदलाव के समय सबसे ज्यादा असर हमारे गले पर पड़ता हैं उसके लिए कुछ उपाय हैं जिससे हम अपने गले को सही रख सकते हैं।
उन्होंने बतायाकि जब मौसम बदलता हैं तब सबसे पहले गला बैठने का एहसास होता हैं जिसको हम गला बैठना कहते हैं इसके दौरान हमें कोई भी चीजों को खाने व् पीने में बहुत दिक्कत होती हैं। इसलिए गला बैठने के रोग का उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को अपने पेड़ू पर गीली मिट्टी की पट्टी से लेप करना चाहिए तथा इसके बाद एनिमा क्रिया का प्रयोग करके पेट को साफ करना चाहिए।
कहाकि गला बैठने के रोग से पीड़ित रोगी को सुबह तथा शाम के समय में अपने गले के चारों तरफ गीले कपड़े या मिट्टी की गीली पट्टी का लेप करना चाहिए।
बतायाकि रोगी व्यक्ति को अपने गले, छाती तथा कंधे पर बारी-बारी से गर्म या ठंडा सेंक करना चाहिए तथा इसके दूसरे दिन उष्णपाद स्नान (गर्म पानी से पैरों को धोना) करना चाहिए।रोगी व्यक्ति को गर्म पानी में हल्का सा नमक मिलाकर उस पानी से गरारे करने चाहिए और सुबह तथा शाम के समय में एक-एक गिलास नमक मिला हुआ गर्म पानी पीना चाहिए।
डॉ शीला ने कहाकि गला बैठना रोग से पीड़ित रोगी को 1 सप्ताह तक चोकरयुक्त रोटी तथा उबली-सब्जी खानी चाहिए।इस रोग से पीड़ित रोगी को फल और दूध का अधिक सेवन करना चाहिए जिसके फलस्वरूप यह रोग ठीक हो जाता है।रोगी व्यक्ति को पानी में नींबू का रस मिलाकर दिन में कई बार पीना चाहिए तथा इसके अलावा गहरी नीली बोतल का सूर्यतप्त जल कम से कम 25 मिलीलीटर की मात्रा में दिन में 6 बार पीना चाहिए। इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने से यह रोग ठीक हो जाता है।
Published on:
23 Jun 2019 05:59 pm
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