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सुख-संपत्ति पाने के लिए यूं करें बप्पा को विराजमान 

गणेश चतुर्थी का व्रत वैसे तो प्रत्येक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी काे किया जाता है। सोमवार को विनायक चतुर्थी है, जिसका व्रत भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी काे किया जाता है। 

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Akansha Singh

Sep 05, 2016

Ganesh Chaturthi

Ganesh Chaturthi

लखनऊ। आज गणेशचतुर्थी पर्व पूरे धूम धाम से मनाया जा रहा है। आज गणपति बप्पा को श्रद्धालु घर में विराजमान करेंगे। जिसे बुद्धि ज्ञान के देवता भगवान गणेश जी की पूजा करने का यह सबसे बड़ा दिन माना गया है। इसलिए मंदिरों में भी गणेश की मूर्तियों को सजाया गया है। ज्यादातर इस पर्व को मराठी लोग ही मानते है, लेकिन अब सभी लोग गणपति बप्पा को घर में विराजमान करते है। ताकि घर में सुख शांति बनी रहे।

व्रत से पहले चंद्रमा के न करें दर्शन
गणेश चतुर्थी का व्रत वैसे तो प्रत्येक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी काे किया जाता है। सोमवार को विनायक चतुर्थी है, जिसका व्रत भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी काे किया जाता है। इस दिन चन्द्रमा का दर्शन निषेध माना गया है। इस दिन चन्द्र दर्शन से झूठा कलंक लगता है। एेसी मान्यता है। पंडित ने बताया कि अन्य चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है। किंतु इस दिन व्रत में चंद्रमा के दर्शन नहीं करते। यदि भूल से चंद्रमा के दर्शन हो जाते है तोश्री मद्धागवत महापुराण में दशम एकंध में स्यमन्तक मणि वाली कथा पढ़ लेनी चाहिए। इससे चंद्र दोष दूर हो जाता है।

यूं करें गणपति बप्पा को विराजमान
बप्पा की मूर्ति को घर में उच्च आसन पर चौकी आदि में लाल पीला वस्त्र बिछाकर उसके ऊपर विराजमान करें। सर्वप्रथम गंगाजल से मार्जन करें, फिर वस्त्र पहनाएं और फूल माला आदि से सुशोभित करें। जनेऊ धारण कराएं और ऊॅ गं गणपतये नम: मन्त्र का उच्चारण कर मूर्ति के कान में गणेश जी को आने को कहे। फिर गंगा जल का छिंटा देकर चावल, फूल, फल, दूबड़ा घास चढ़ाए और मूर्ति के सामने दीप प्रज्ज्वलित करें। इसके बाद लड्डू का भोग लगाएं। इसके बाद फल और पान भी अर्पित करें और आरती करें। इस विधि से 11 दिन तक सुबह-शाम गणपति बप्पा की आरती करें।

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