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गंगामेलाः बुल्डोजर, भैंसागाड़ी और बैलगाड़ी से कनपुरियों पर खूब बरसा रंग

होली, कानपुर का ऐसा त्योहार है, जिसमें सात दिन तक रंग खेला जाता है। बुधवार को अनुराधा नक्षत्र में रंगपंचमी पर बुल्डोजर, भैंसागाड़ी और बैलगाड़ी से कनपुरियों पर रंग बरसाया गया। इतिहास के पन्नों से जुड़े गंगामेला के रंग में पूरा कानपुर रंगा गया । खबर में जानें कि कैसे शुरू हुआ गंगामेला।

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लखनऊ

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Snigdha Singh

Mar 23, 2022

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गंगामेला

अनुराधा नक्षत्र के दिन गंगामेला पर कनपुरियों ने जमकर रंग खेला। बुल्डोजर, भैंसागाड़ी और बैलगाड़ी में रंगों से भरे ड्रम के ठेले घूम-घूमकर लोगों पर रंग बरसाते निकलते हैं। छतों, छज्जों और खिड़कियों से रंगों की बौछार कर लोगों ने ठेले का स्वागत किया। रज्जन बाबू पार्क से डीएम नेहा शर्मा ने ध्वजारोहण के बाद रंग का ठेला रवाना किया।

रंगों से सराबोर नाचते झूमते होरियारे, पिचकारी लेकर दौड़-दौड़कर रंग उड़ेलते बच्चे, फाग-होली गीत गाती टोलियां गंगामेला में नजर आई। गंगा मेला का नजारा सिर्फ कानपुर में ही देखा जा सकता है। यहां होलिका दहन से लेकर अनुराधा नक्षत्र तक रंग खेलने की परंपरा है। इस वर्ष गंगा मेला की 81 वर्षगांठ मनाई गई। सुबह घरों से ही एक-दूसरे का चेहरा पोतने का सिलसिला शुरू हो गया। बच्चों के आपस में रंग फेंकते दिखे। आंगन और छतों पर परिवार और पड़ोसी हिलमिल कर एक-दूसरे के चेहरे रंगते नजर आए। होरिया में उड़े गुलाला, होले खेले रघुवीरा आदि तमाम गानों में नाचते रंगा बरसाते रंग का ठेला गुजरा। सरसैया घाट पर गंगा मेला का समापन होता है।

गंगा मेला का ये है इतिहास

वर्ष 1942 में होली के दिन अंग्रेज अधिकारियों ने आयोजन बंद करने को कहा। गुलाबचंद सेठ ने मना कर दिया तो गुस्साए अंग्रेज अधिकारियों ने गुलाबचंद को गिरफ्तार कर लिया। विरोध करने पर जागेश्वर त्रिवेदी, पं. मुंशीराम शर्मा सोम, रघुबर दयाल, बालकृष्ण शर्मा नवीन, श्यामलाल गुप्त पार्षद, बुद्धूलाल मेहरोत्रा और हामिद खां को भी गिरफ्तार कर सरसैया घाट स्थित जिला कारागार में बंद कर दिया था। इसके विरोध में क्रांतिकारियों ने सात दिन तक होली खेली थी।

यहां से होकर गुजरा रंग का ठेला

रज्जन बाबू पार्क से जैसे ही रंग का ठेला उठा लोगों में मस्ती सी छा गई। हटिया, गया प्रसाद लेन, जनरलगंज, काहूकोठी, सिरकी मोहाल, महेश्वरी मोहाल, चटाई मोहाल, चौक, इटावा बाजार, मनीराम बगिया, धनकुट्टी, कलक्टरगंज, नील वाली गली व बिरहाना रोड समेत आसपास के सभी क्षेत्रों में रंगो की बौछार तेज हो गई।

मेले में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता

मूलगंज में मुस्लिम भाइयों ने रंग के ठेले का स्वागत किया। खास बाजार स्थित केस्को सब स्टेशन के पास तिरंगा फहराकर फूलों की वर्षा की गई। सभी ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर गले लगकर होली की बधाई दी। जगह-जगह पर मुस्लिम भाइयों से रंग के ठेले का स्वागत किया। वहीं, छतों से भी रंग बरसाया।