
7 जून 2023, शाम के करीब 4 बज रहे थे। लखनऊ के कैसरबाग कोर्ट रूम के अंदर से अचानक से गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। कोर्ट रूम में एक शख्स खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। वो शख्स था गैंगस्टर संजीव जीवा। संजीव जीवा की कोर्ट में सुनवाई होनी थी। मर्डर होने से कुछ सेकंड पहले वो एक कुर्सी पर बैठा था। उसके आस पास कई वकील और पुलिसवाले घूम रहे थे। तभी वकीलों की झुण्ड से काला कोट पहने एक शख्स आता है और अचानक से गोलियां चलाता है। इस फायरिंग में संजीव जीवा को 6 गोलियां लगती हैं। और इसके बाद संजीव जीवा की मौके पर ही मौत हो गई।
संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का वेस्ट यूपी में ऐसा खौफ था कि लोग उसके नाम से ही कांपते थे। उसने एक के बाद एक हाई प्रोफाइल मर्डर किए। जिससे उसने यूपी में एक खूंखार गैंगस्टर की छवि बनाई।
साल 1997, 10 फरवरी का दिन। फर्रुखाबाद में हुआ ब्रम्हदत्त द्विवेदी हत्याकांड। ब्रम्हदत्त द्विवेदी अपने घर से कुछ दूर एक तिलक में शामिल होने गए थे। लौटते वक्त जैसे ही वो अपनी गाड़ी में बैठने लगे, तभी जीवा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसमें ब्रम्हदत्त की मौत हो गई। जिन ब्रह्मदत्त की हत्या संजीव जीवा ने की थी। उनके सियासी कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी अंतिम यात्रा में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। इस हत्याकांड के बाद से जीवा पूरे देश में सुर्खियों में आ गया।
ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के बाद संजीव जीवा हर माफिया की नजरों में छा चुका था। मुख्तार हो या ब्रजेश सिंह हर किसी की एक ही चाहत थी कि कैसे भी संजीव जीवा को उनकी गैंग में शामिल हो जाए। लेकिन जीवा का रोल मॉडल था मुन्ना बजरंगी। वो मुन्ना बजरंगी, जिसके आतंक से पूरा पूर्वांचल कांपता था। तो फिर क्या था जीवा ने अपना सच किया और बजरंगी से जा मिला। मुख्तार अंसारी के सबसे भरोसेमंद शार्प शूटर मुन्ना बजरंगी के एक इशारे पर जीवा ने एक के बाद एक कई हत्याएं की। जीवा अब मुख्तार के खास शूटर्स में से एक था।
साल 2005, दिन 29 नवंबर। गाजीपुर में हुआ कृष्णानंद राय हत्याकांड। मोहम्मदाबाद से BJP MLA कृष्णानंद राय क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करके वापस लौट रहे थे। तभी एक गाड़ी उनकी गाड़ी के सामने आई, उस गाडी से 8 लोग नीचे उतरे और AK-47 से गोलियों की बौछार कर दी। कृष्णानंद राय के शरीर का एक भी ऐसा अंग नही बचा, जहां गोलियां न लगी हों।
कृष्णानंद राय को मारने के लिए 400 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इस शूटआउट में MLA कृष्णानंद समेत 7 लोगो की मौत हुई थी। इस हत्याकांड में मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी और संजीव जीवा का नाम सामने आया। हालांकि बाद में कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस हत्याकांड में संजीव जीवा को गिरफ्तार किया गया था पर जेल भी उसे रोक ना सका। वो जेल से ही लोगों की सुपारी लेता और उनका मर्डर करवाता। खूंखार जीवा के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट समेत 26 मामले दर्ज थे।
Updated on:
08 Jun 2023 04:59 pm
Published on:
08 Jun 2023 04:58 pm
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