राजधानी में गोपाष्ठी  पर गौ माताओं को कराया गया भोजन

गौ और कन्या दोनों एक है।

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Nov 08, 2016
Hindu Religion
लखनऊ, लोक परमार्थ सेवा समिति व हरिहर लोक मंगल फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में सदर व पुराना किला क्षेत्र में एक दर्जन गौ माताओं को चोकर, भूसा, सेब, केले, पपीता, अमरूद, गुड़, आदि खिलाकर गौ माताओं के चरणों में सेना के ऊंचे मनोबल व सर्वस्व के भले की कामना की गई। इस अवसर पर काशी के गौ कथाव्यास श्रद्धये आचार्य प्रभाकर दत्त महाराज ने कहा कि कार्तिक के पवित्र महीने में गोवर्धन पूजा के दिन से पावन गौ नवरात्रि प्रारम्भ होती है। इसी पावन नवरात्रि के दिनों में छठ पूजा, गौपाष्टमी, गौनवमी आदि पड़ती है।

गौ और कन्या दोनों एक है। देशी गौ माता के दूध में और जननी मां के दूध में एक ही तत्व पाया जाता है, लेकिन हम सबका दुर्भाग्य है कि नौनिहालों को न तो देशी गाय का दूध मिल रहा है न जननी मां का दूध। उन्होनें यह भी कहा कि सनातन धर्म में 16 संस्कार है और एक भी संस्कार ऐसा नहीं है जो गौ माता के बिना पूरा होता हो, फिर भी गौ माताओं की दुर्दशा बहुत ही दयनीय है। और गौमाताएं कूड़ा घरों के पास कूड़ा खाने के लिए विवश हो रही है। गौपाष्टमी के अवसर पर जगह-जगह गौशालाओं में भव्य आयोजन किये गए और गौ की महिमा का व्याख्यान किया गया । अगर इसके बाद भी पूरे वर्ष भर गाय उपेक्षित रहेगी यह सबके लिए बहुत दुखद है।

इस अवसर पर हरे कृष्ण मूवमेन्ट हैदराबाद से आये गोकुलेश दास ने कहा कि गौ सेवा के साथ-साथ सभी श्रद्धालु भक्तों को प्रतिदिन एक माला हरे कृष्ण-हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे की करनी चाहिए। जहां गौ है वहीं गोपाल है। इसलिए गऊ और गोपाल की आराधना नियमित रूप से होनी चाहिए।जिससे व्यक्ति का लोक व परलोक दोनो सुधर जायेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से काशी के गऊ कथाव्यास श्रद्धेय आचार्य प्रभाकर दत्त जी महाराज के अलावा समिति की उपाध्यक्षा किरन बाला शर्मा, हरे कृष्ण मूवमेन्ट हैदराबाद के गोकुलेश दास, समिति की प्रवक्ता श्रीश शर्मा, उज्जवल शुक्ल, आचार्य चन्द्रभूषण तिवारी (पर्यावरण संरक्षक), जितेन्द्र सिंह, लालू भाई, एडवोकेट राकेश कृष्ण शर्मा, मनीष यादव व एडवोकेट राकेश कुमार शर्मा आदि शामिल हुए।

Published on:
08 Nov 2016 06:09 pm
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