लखनऊ. आईपीएस अमिताभ ठाकुर (IPS Amitabh Thakur) और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर को कथित रेप के फर्जी मुकदमें में फंसाने से जुड़े मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) की मुसीबत बढ़ सकती है। दंपत्ति को गाजियाबाद की महिला की फर्जी रेप केस में फंसाने के विरोध में गायत्री के खिलाफ दर्ज मुकदमें पर कोर्ट में गुरुवार को बहस हुई।
उक्त मामले में सीजेएम लखनऊ के समक्ष आरोप पर संज्ञान लिए जाने के संबंध में बहस हुई। मामले में सरकार की ओर से कहा गया कि विवेचना में गायत्री प्रजापति के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं, वहीं शेष अभियुक्तों के खिलाफ विवेचना जारी है। जिसमें और अधिक साक्ष्य आने की संभावना है। लेकिन गायत्री के अधिवक्ता का कहना था कि उन्हें बिना साक्ष्य के अकारण फंसाया जा रहा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीजेएम संध्या श्रीवास्तव ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। बता दें कि नूतन ठाकुर ने उन पर व पति पर फर्जी रेप केस मढ़ कर फंसाने की साजिश के खिलाफ गोमतनगर में गायत्री व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मामले में लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 24 जुलाई को गायत्री प्रजापति के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया था।