
GEM portal is useful for prize control says minister pachaury
लखनऊ। प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सत्देव पचैरी ने कहा कि पारदर्शिता के लिए नई तकनीकी के साथ चलना होगा। आजादी के 70 साल बाद व्यवस्था में परिवर्तन हो रहा है और यह प्रकृति का नियम भी है। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल व्यवस्था लागू होने से जहां एक ओर वस्तुओं की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी हुई, वहीं दूसरी ओर उनके मूल्यों में भी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जेम पोर्टल के लिए एक अलग प्रकोष्ठ भी बनाया जायेगा।
नेषनल मिषन फार जेम
पचैरी आज यहां योजना भवन में जेम के अंगीकरण एवं प्रयोग को बढ़ाने हेतु ‘‘नेशनल मिशन फाॅर जेम’’ के तहत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों के लिए वस्तुओं की खरीद जेम पोर्टल से अनिवार्य कर दी गयी है। किसी भी हाल में बाहर से वस्तुओं को क्रय करना प्रतिबंधित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेम की जिम्मेदारी एमएसएमई विभाग को दी है। इसलिए विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई। उन्होंने कहा कि समस्त सरकारी कार्यक्रम में प्रयोग होने वाले उपहार, भेंट एवं स्मृति चिन्ह आदि अब जेम के तहत हस्तशिल्पियों से ही खरीदे जाएंगे। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
अपराध रोकने एवं जीरो टालरेंस के लिए जेम पोर्टल
मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि भ्रष्टाचार और अपराध रोकने एवं जीरो टालरेंस के लिए जेम पोर्टल की व्यवस्था बनाई गई है। इसके माध्यम से सरकारी विभाग पारदर्शी और त्वरित गति से समानों की खरीद-फरोख्त कर सकते हैं। साथ ही यह डिजिटल इंडिया की कड़ी में एक और बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल के माध्यम से वस्तुओं की खरीद पर विभागों को 10 से 20 प्रतिशत तक की बचत हो रही है। साथ ही कैशलेस और पेपर लेस व्यवस्था को बढ़ावा भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे इसका विस्तार होगा, अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
यूपी को मिला बेस्ट वायर का ईनाम
मुख्य सचिव ने कहा कि जेम एक समयबद्ध कार्यक्रम है। सरकारी विभागों के लिए इससे बेहतर सिस्टम नहीं है। आने वाले समय में इसके बिना काम भी नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बेस्ट बायर का पुरस्कार भी मिल चुका है। साथ ही निर्देश दिए कि जेम पोर्टल से खरीद के लिए सभी विभागों में प्राइमरी एवं सेकेन्ड्री को नामित कर दिये जायं। अभी तक एक चैथाई डीडीओ ही इस पर रजिस्टर्ड है। जल्द से जल्द इसको 100 प्रतिशत किया जाय।
Published on:
07 Sept 2018 08:46 pm
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