
इन दिनों यूपी की राजधानी में निवेश का महामेला लगा है। चारो ओर चमक धकम के बीच मानों पूरी राजधानी लखनऊ दुल्हन की तरह से सजी हो जहां देश दुनिया भर से आईं 304 कंपनियां प्रदेश के विकास के लिए निवेश कर रही हैं। पहले दिन 27 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव साइन हुए।
टाटा, बिरला और रिलायंस समेत देश के कई जाने माने उद्योगपतियों ने कई बड़े बड़े ऐलान भी इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में किए हैं। तो वहीं विपक्षी दल कांग्रेस, आप, और समाजवादी पार्टी ने इन्वेस्टर्स समिट को लेकर सरकार पर अपने अपने अंदाज में हमला बोल रहे हैं।
बाबा मुख्यमंत्री तो बहुत कंजूस हैं: अखिलेश
यूपी में एक ओर जहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का आगाज चल रहा था। जिसकी मेजबानी खुद पीएम मोदी कर रहे थे। केंद्रीय मंत्रियों और राज्य सरकार देश दुनिया से आए उद्यमी समेत बीजेपी के बड़े बड़े नेता मौजूद थे। तो वहीं विपक्षा सरकार पर जुबानी हमला करता नजर आया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को काशी विश्वनाथ के दर्शन करने के बाद मीडिया से मुखबित हुए ओर बोले कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 भारतीय जनता पार्टी के लोग जो बात कहें उसे जमीन पर भी उतारें।
सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भाजपा वालों को अगर कोई सूट पहनकर टाई लगाकर दिख जाए तो यह उससे भी एमओयू साइन करा लेंगे। इस समिट के बहाने जनता को धोखा दिया जा रहा है। हमारे बाबा मुख्यमंत्री तो बहुत कंजूस हैं।
इन्वेस्टर्स समिट को लेकर आप और कांग्रेस ने भी सरकार पर बोला हमला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक विकास, बढ़ती महंगाई, और बेरोजगारी को लेकर अपनी नाकामी को छुपाने के लिए योगी सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बहाने प्रदेश की जनता की करोड़ो करोड़ों की गाढ़ी कमाई बड़े-बड़े इवेंट मैनेजमेंट में पानी की तरह बहा रही हैं।
खाबरी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि दो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में मात्र 371 एमओयू वाली कंपनियां भूमि पूजन के लिए आई। जिसमें से मात्र 106 कंपनियों का ही संचालन हो पाया है। जो कुल घोषित निवेश का लगभग 9 प्रतिशत है। सरकारी तथ्यों एवं आकड़ों के मुताबिक इवेंट में सैकड़ों करोड़ खर्च हुआ और इन्वेस्टमेन्ट जीरो रहा है।
तो वहीं आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी और सांसद संजय सिंह ने प्रदेश की योगी सरकार पर प्रदेश की जनता का पैसा लूटने का गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल किया किया। और कहा कि प्रदेश की योगी सरकार को उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के पहले और दूसरे संस्करणों में कितने एमओयू साइन हुए हैंं। कितने का निवेश आया और उस निवेश से कितना रोजगार सृजन हुआ। इसका खांका उत्तर प्रदेश की जनता के सामने रखना चाहिए।
Published on:
11 Feb 2023 05:33 pm
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