साथ ही
आपको सभ्य नागरिक बनने से भी रोकता है। खुले में शौच को रोकना भी स्वच्छ
भारत मिशन का एक हिस्सा है। अब शौचालय की जरूरत महसूस होने पर अगर आपको
शौचालय नहीं भी पता हो तो किसी दीवार या झाड़ियों को तलाशने की ज़रुरत नहीं।
स्मार्ट युग में स्मार्ट मोबाइल आपकी मदद करेगा। गूगल मैप के माध्यम से
आपको यह पता चल सकेगा कि
सबसे नजदीकी शौचालय कहां स्थित है। स्मार्ट मोबाइल आपको नजदीकी शौचालय तक
गाइड करेगा। गूगल मैप के जरिए यह सुविधा 2 अक्टूबर से राजधानी वासियों
को मिल सकेगी।
देश भर में 85 शहर, यूपी के 14
केंद्र
सरकार की ओर से
देशभर के 85 शहरों को इसके लिए चुना गया है। इस लिस्ट में प्रदेश के 14 नगर
निगम शामिल हैं। मौजूदा समय में इस सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट
के तौर पर मध्य प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र में लागू किया गया था। स्वच्छ
भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में बन रहे शौचालयों की
जानकारी गूगल मैप से जुड़ी जाएगी। शहरी विकास मंत्रालय के साथ मिलकर
स्वच्छता में सुधार के लिए गूगल पर 20 हज़ार से भी अधिक सार्वजनिक शौचालय के
खुलने और बंद होने की जानकारी लोकेशन समेत शेयर की जाएगी। गूगल से यह
जानकारी देने के लिए आपको मोबाइल एप्लीकेशन और कंप्यूटर दोनों पर ही सुविधा
मिल
सकेगी। साथ ही यह जानकारी अंग्रेजी और हिंदी भाषा में उपलब्ध होगी।
बात
राजधानी लखनऊ की करें तो नगर निगम में अभी 300 सार्वजनिक शौचालय बने हुए
हैं। इसके अलावा पेट्रोल पंप शॉपिंग
मॉल, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर भी बने शौचालयों की जानकारी इससे जोड़ी
जाएगी। जनता इसे प्रयोग करने के बाद अपना
फीडबैक भी दे सकेगी। इस पूरी व्यवस्था को मिशन टॉयलेट लोकेटर से संबोधित
किया गया है। इसका पूरा डाटा क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया द्वारा इकट्ठा
किया जाएगा। महात्मा गांधी की 148 वीं जयंती के अवसर पर गूगल मैप पर टॉयलेट
नजर आ
सकेंगे।