
शैक्षिक सत्र को बढ़ाने की तैयारी में सरकार, जानिए आपकी पढ़ाई पर इसका क्या पड़ेगा असर
लखनऊ. (Academic Session Extend) चीन से विश्व भर में फैला कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर अब बढ़ता जा रहा है। इससे बचाव को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार काफी सतर्क है। कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने अब एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), आईआईआईटी (IIIT), विश्वविद्यालयों (University) और उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2019-20 के अकादमिक सत्र को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सरकार अप्रैल में होने वाली परीक्षाओं को भी आगे बढ़ाने की तरफ विचार कर रही है। देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में अकादमिक सत्र 1 जुलाई से 30 जून तक चलता है। 2019 का अकादमिक सत्र पूरा होने के आधार पर ही शैक्षणिक सत्र 2020-21 को शुरू माना जाएगा। अगले हफ्ते स्थिति की समीक्षा करने के बाद संस्थानों को आगे बंद रखने पर फैसला होगा।
जल्द होगी घोषणा
दरअसल देशभर के शिक्षण संस्थान फिलहाल 31 मार्च तक बंद हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकतर विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में पाठ्यक्रम तो पूरा हो चुका है, लेकिन प्रैक्टिकल वाले विषयों में कोर्स होना बाकी है। कोरोना के चलते छात्रों को हॉस्टल से घर भेज दिया गया है। ऐसे में अप्रैल के पहले या दूसरे हफ्ते में परीक्षाएं शुरू होने की संभावना नहीं है। लिहाजा अगले कुछ दिनों में अकादमिक सत्र 2019 को बढ़ाने की घोषणा की जाएगी।
मानें राज्य की आदेश
केंद्र सरकार से अधीनस्थ आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, आईआईएसआर और केंद्रीय विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि उन्हें कोरोना से बचाव के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित राज्य के आदेशों का पालन करना होगा। अगर केंद्र सरकार का कोई संस्थान या विभाग नियमों का पालन नहीं करता है तो संबंधित राज्य सरकार और वहां का स्थानीय प्रशासन उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई कर सकता है। इसमें केंद्र सरकार हस्तक्षेप या संस्थान की मदद नहीं करेगी। क्योंकि कोरोना से बचाव में सरकार किसी तरह की कोई लापहवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
Published on:
19 Mar 2020 10:30 am

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