आईईडीसी के नियम 12.3 के अनुसार इन विशेष शिक्षकों को राज्य में इस श्रेणी के शिक्षकों के बराबर पे-स्कूल दिया जाना चाहिए। स्पेशल पे के रूप में शहरी क्षेत्र में 150 और ग्रामीण क्षेत्र में 200 रुपये अतिरिक्त मिलने चाहिए। अभियान के परियोजना अधिकारी के 22 जनवरी 2010 के आदेश में भी कहा गया है कि इसमें लगे संविदा कर्मचारियों को बेसिक-पे का न्यूनतम ग्रेड पे, डीए, एचआरए और सीसीए मिलना चाहिए। इसके बावजूद इन शिक्षकों को केवल 13,200 रुपये दिया जा रहा है। अदालत ने याचिकाकर्ता से भी अपना मामला सरकार के सामने विस्तार से 15 दिन में रखने और वेतन से जुड़ी शिकायतें बताने को कहा। सरकार के सामने विकल्प होगा कि वह जरूरी दस्तावेज व रिपोर्ट मंगवाए और इन शिक्षकों के वेतन मामले में औचित्यपूर्ण निर्णय करे। इसके लिए सरकार को चार महीने का समय दिया गया है।