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अब बिना Hallmarking के नहीं बिकेगा एक भी आभूषण, खरीदादर भी हो जाएं सावधान, नियम उल्लंघन पर देना होगा पांच गुना जुर्माना

- बिना हॉलमार्क (Hallmark) वाली ज्वेलरी (Jewellery) अब नहीं बेच सकेंगे दुकानदार - ग्राहकों को ठगी से बचाने के लिए हॉलमार्क ज्वेलरी (Hallmark Jewellery) पर मोदी सरकार का निर्णय - चार चिन्ह से पहचानें ज्वेलरी हॉलमार्क (Hallmark Jewellery) है या नहीं - नियम का उल्लंघन करने पर देना होगा पांच गुना जुर्माना

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अब बिना हॉलमार्क के नहीं बिकेगा एक भी आभूषण, खरीदादर भी हो जाएं सावधान, नियम उल्लंघन पर देना होगा पांच गुना जुर्माना

अब बिना हॉलमार्क के नहीं बिकेगा एक भी आभूषण, खरीदादर भी हो जाएं सावधान, नियम उल्लंघन पर देना होगा पांच गुना जुर्माना

लखनऊ. कई ज्वैलर्स 18 कैरेट के आभूषण (Hallmarking on Gold Jewellery) को 22 कैरट का बताकर ग्राहकों से भारी रकम वसूलते हैं। इसी तरह दूसरे आभूूषणों को बेचने में भी कई दुकानदार हेराफेरी करते हैं। मगर अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगी। मोदी सरकार 15 जनवरी, 2021 से सिर्फ हॉलमार्क वाले आभूषण ( Hallmarked Gold Jewellery) और कलाकृतियां बेचने की इजाजत देगी। यानी कि अब दुकानदार बिना हॉलमार्क (Hallmarked) वाले गहने बेचकर ग्राहकों के साथ ठगी नहीं कर पाएंगे। मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और एक वर्ष जेल का प्रावधान है। ज्वेलर्स को एक साल का वक्त पुराने आभूषणों को बेचने के लिए दिया गया है।

पांच गुना तक वसूला जाएगा जुर्माना

केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान के अनुसार, हॉलमार्क (Hallmarking on Gold Jewellery) अनिवार्य होने के बाद सिर्फ 14,18 और 22 कैरेट के आभूषण और कलाकृतियां बेचने की इजाजत होगी। इसके बाद भी अगर ज्वेलर या हॉलमार्क केंद्र धोखाधड़ी करता है, तो उस पर कम से कम एक लाख या कुल आभूषणों की कीमत का पांच गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा।

राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश व देशभर में सोने के आभूषणों के कई खरीददार हैं। मोदी सरकार द्वारा आभूषणों को हॉलमार्क करने से ग्राहक ठगी से बच सकेंगे।

आईबीजेए पर कर सकते हैं शिकायत

आईबीजेए यानी कि इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (Indian Bullian Jewellers Association) की वेबसाइट https://ibjarates.com/ पर सोने का सही रेट पता लगाया जा सकता है। आईबीजेए (IBJA) द्वारा जारी किए गए रेट देशभर में सर्वमान्य है। हालांकि, यहां पर रेट में तीन फीसदी का जीएसटी शामिल नहीं किया गया है। लेकिन अगर रेट की सही जानकारी हो, तो आप ठगी से बच सकते हैं।


















































सोनाहॉलमार्कशुद्धता
24 कैरेट99999.9%
23 कैरेट95895.8%
22 कैरेट91691.6%
21 कैरेट87587.5%
18 कैरेट75075%
17 कैरेट70870.8%
14 कैरेट58558.5%
9 कैरेट37537.5%

इन चार चिन्हों से पहचानों हॉलमार्क

ज्वेलरी हॉलमार्क है या नहीं यह जानने के लिए चार चिन्ह जरूर चेक करें। ये निशान हैं- मानक चिन्ह, परीक्षण केंद्र का निशान, आभूषण केंद्र का निशान और सोने की मात्रा। यानी कि अगर 22 कैरेट का सोना या आभूषण है, तो उसपर 916 अंकित होगा। अगर 14 कैरेट का है, तो उसपर 585 गुदा होगा। इसी तरह अगर 18 कैरेट का सोना है, तो उसपर 750 अंकित होगा। इसके साथ ही ज्वेलर का खुद का लोगो भी गहनों पर लगा होना चाहिए। हॉलमार्क युक्त गहनों की पहचान करने के लिए उसपर लगे चार चिन्ह ज्वेलर के पास उपलब्ध लैंस से देख सकते हैं।

हॉलमार्क सर्टिफिकेट (Hallmarked Certificate) वाली ज्वैलरी खरीदें

असली सोना 24 कैरेट का होता है, लेकिन इसके आभूषण नहीं बनते क्योंकि वह बेहद मुलायम बनते हैं। आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। उसमें 91.66 फीसदी सोना होता है। इसी खरीद में कई दुकानदार गोलमाल कर जाते हैं। इसलिए ग्राहक इस बात का ख्याल रखें कि हॉलमार्क वाली ज्वैलरी ही खरीदें। दोबारा बेचते समय बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी का सही दाम मिलना मुश्किल हो सकता है। बिक्री के समय हॉलमार्क वाली ज्वेलरी का मूल्य बाजार भाव पर तय होता है। इसलिए ज्वेलरी वही खरीदें जिस पर हॉलमार्क लगा हो।

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