
लखनऊ का प्राचीन हनुमान मंदिर हुआ अमरीकी तकनीक कोविप्रूफ,जाने इसके बारे में
लखनऊ , हनुमान सेतु मंदिर प्रबंधन ने अमरीकी तकनीक कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके तीन महीनो के लिये मंदिर को sanitise कराया है। इस तकनीक को भारत में लाने वाली कम्पनी wellness112.in के director सुयश त्रिपाठी का कहना है की यह विश्व की पहली self disinfecting coating है जो की alcohol और bleech रहित है। कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके किसी भी सतह को तीन महीने तक के लिए sanitise किया जा सकता है। देश के कई बड़े बड़े मन्दिर और मस्जिद कोविप्रूफ का इस्तेमाल करके अपने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
कोविप्रूफ का इस्तेमाल देश भर में लोग अपने घर दफ़्तर शोरूम गाड़ियों और अन्य जगहों पे करवाकर कोरोना से बचाव कर रहे हैं। इस तकनीक का इस्तेमाल राष्ट्रपति भवन में भी किया जा चुका है और यह कई सरकारी-ग़ैर सरकारी संस्थानों, बैंकों, रिहाइशी बहुमंज़िला इमारतों में भी अत्यधिक प्रचलित हो रहा है। कोविप्रूफ को एक बार जिस भी सतह पर लगाया जाता है वहाँ कविप्रूफ का विशेष anti-microbial, anti -viral फ़ॉर्म्युला .004 माइक्रॉन की एक परत बना देता है।
जोकि उस सतह को लगातार तीन महीने तक कोरोना व अन्य वाइरस और becteria से सुरक्षा प्रदान करता है और यदि कोई संक्रमित व्यक्ति उस सतह को छू भी देता है तब भी वहाँ संक्रमण का ख़तरा नहीं होता है। इस तकनीक को हिंदुस्तान में भी मान्यता प्राप्त है और NABL की लैब ने इसको प्रमाणित भी किया है। अधिक जानकारी www.wellness112.in se प्राप्त की जा सकती है।
Published on:
27 Jun 2020 09:35 pm
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