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वन विभाग के जंगलों को काटने में जुटे हैं माफिया, सफेदपोशों के संरक्षण में चलता है कारोबार

वन विभाग के जंगलों की लकड़ी को काटने वाले माफियाओं का पूरा संगठित गिरोह होता है।
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लखनऊ

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Laxmi Narayan Sharma

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Updated: 16 Jun 2018, 5:37 PM IST

hariyali ka sach

वन विभाग के जंगलों को काटने में जुटे हैं माफिया, सफेदपोशों के संरक्षण में चलता है कारोबार

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के लिए चल रहे प्रयासों के बीच वन विभाग को माफियाओं से भी कड़ी चुनौती मिल रही है। एक ओर जहां वन विभाग की जमीन पर बहुत सारी जगहों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है तो कई जगहों पर लोग जंगलों से पेड़ों की कटाई कर तस्करी के काम को बड़े पैमाने पर अंजाम दे रहे हैं। खानापूर्ति के लिए वन विभाग अभियान चलाता है लेकिन माफियाओं की सक्रियता में किसी भी तरह से कमी आती दिखाई नहीं पड़ती। प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा हिस्सा हो, जहां जगंलों से पेड़ों की अवैध कटान माफिया न कर रहे हों। कई जगह तो माफिया वन विभाग के कर्मचारियों और अफसरों तक को निशाना बनाने से नहीं चूकते।

पूरे प्रदेश में फैला है नेटवर्क

राजधानी लखनऊ से सटे लखीमपुर, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर व अन्य जनपदों में वन माफिया बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई के काम को अंजाम दे रहे हैं। बुंदेलखंड में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जंगली पेड़ों की कटाई और तस्करी का काम होता है। बेतवा नदी के किनारे स्थित जगंलों से भी बड़े पैमाने पर लकड़ी का कटान होता है। झांसी के बरुआसागर, ललितपुर के मड़ावरा सहित कई अन्य जगहों पर जंगली लकड़ियों का बड़े पैमाने पर कटान कर हर रोज वन विभाग को राजस्व का चूना लगाया जाता है और साथ ही जंगल के क्षेत्रफल को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

सफेदपोश भी होते हैं नेटवर्क में शामिल

वन विभाग के जंगलों की लकड़ी को काटने वाले माफियाओं का पूरा संगठित गिरोह होता है। कई बार इस गिरोह में स्थानीय सफेदपोश राजनेता और वन विभाग के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी शामिल होते हैं। इमारती और अन्य महँगी लकड़ियों की कटाई से भारी रकम हासिल करने के लिए ये पूरा गठजोड़ काम करता है। इन सबके बीच जब कभी ऐसे माफियाओं को पकड़ने के लिए कार्रवाई की गई तो वन विभाग के कर्मचारियों और अफसरों पर हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में मुकदमे तो दर्ज हो जाते हैं लेकिन दवाब में कार्रवाई नहीं हो पाती।

वन विभाग की टीम पर हमला

वन विभाग की टीम पर राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को हमला कर दिया जब वे पौधारोपण के लिए सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने गए थे। बीकेटी के उमरिया गांव में वन विभाग की जमीन को गांव के कुछ लोगों ने अवैध तरीके से जोत रखा था। वन विभाग के कर्मचारी विभाग की जमीन पर पौधे लगाने पहुंचे तो अवैध कब्जेदारों ने उग्र होकर टीम पर हमला बोल दिया। कब्जेदारों के हमले में कई वनकर्मी घायल हो गए और वन दरोगा का हाथ टूट गया। वन विभाग की तरफ से इंटौंजा थाने में अवैध कब्जेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। उमरिया गांव से लगा वन विभाग का लगभग 250 हेक्टेयर वन क्षेत्र है, जिसके 50 हेक्टेयर हिस्से पर उमरिया और मुसपिपरी गांव के लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।

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