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स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों ने किया ऐलान, नहीं पूरी हुई मांग तो करेंगे हड़ताल

प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे के स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों ने प्रोमोशन सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

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लखनऊ. प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे के स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों ने प्रोमोशन सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कल्याण एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने कहा है कि अपनी समस्याओं को लेकर वे विभाग के महानिदेशक से लेकर मुख्य्मंत्री तक अपनी शिकायत पहुंचा चुके हैं लेकिन मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अब एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान करते हुए मांगे न माने जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

एसोसिएशन के प्रांतीय मंत्री पवन कुमार श्रीवास्तव और कोषाध्यक्ष रमेश चंद्र पाण्डेय ने बताया कि पिछले चार वर्षों से अपनी दो मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। समस्याओं के निस्तारण के लिए विभाग के महानिदेशक से लेकर मंत्री और मुख्यमंत्री तक को समस्या बताई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि संवर्ग में भारी असंतोष को देखते हुए प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह गौर ने बताया कि 8 मई 2018 से 10 मई 2018 तक काला फीता बांधकर सभी जनपदों में विरोध दर्ज कराया जायेगा। इसके बाद 15 मई को सभी जिलों के जिलाध्यक्षों के माध्यम से सीएमओ को मांगों के निस्तारण को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा। राजधानी लखनऊ में गाँधी प्रतिमा हजरतगंज पर 23 मई को एक दिवसीय धरना देकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जायेगा।

गौर ने कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ के आदेश के बाद भी एसोसिएशन को मान्यता नहीं दी गई है। लोक सेवा आयोग और सम्बंधित विभागों क सहमति के बाद भी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नति शुरू नहीं की गई है। इसके अलावा इस संवर्ग की पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची वर्ष 2015 से अब तक जनपदों से नहीं ली गई है। गौर ने कहा कि मुख्य सचिव प्रदेश स्तर पर 30 जून तक पदोन्नति प्रकरण निपटाने का आदेश कर रहे हैं और महानिदेशक परिवार कल्याण मुख्य सचिव के आदेश की अवहेलना करते हुए स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए बाध्य कर रहे हैं। गौर ने कहा कि 23 मई तक उनके संगठन की मांगें न मानी गई तो स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।