
बारिश से कहीं राहत तो कहीं आफत
लखनऊ. राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, जालौन, सीतापुर, फैजाबाद, बाराबंकी में गुरुवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। लखनऊ में कई इलाकों में जोरदार बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। वहीं जालौन में लगातार हुई बारिश से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं घाघरा नदी का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
मौसम विभाग की मानें तो आने वाले तीन-चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। राजधानी लखनऊ में गुरुवार को सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश होती रही है। राजधानी के गोमतीनगर, आलमबाग, पीजीआई, इंदिरानगर, चौक, अमीनाबाद सहित कई इलाकों में भारी बारिश हुई जहां बारिश से स्कूली बच्चों को भी दो चार होना पड़ा। बारिश से एक ओर जहां गर्मी से राहत मिली तो वहीं कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया।
यातायात पर भी पड़ा असर
बारिश का असर यातायात पर भी देखा गया। सड़कों पर भी काफी कम भीड़ देखी गई। वहीं लोगों ने बारिश का जमकर आनंद लिया। फैजाबाद, गोंडा, बहराइच, कानपुर, कानपुर देहात में भी जमकर बारिश हुई। यहां भी बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। निचले इलाकों में तो घरों तक में पानी घुंस गया। जालौन और कानपुर देहात में जमकर बारिश हुई, यहां हो रही लगातार बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी वहीं कई इलाकों में मुसीबत भी बनकर आई। बारिश का असर यातायात पर भी देखा गया। रोडवेज की बसें भी काफी कम दिखीं।
किसनों के चेहरे खिले
बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशियां बिखेर दीं। यह बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। इस समय धान की बुआई हो रही है। यह बारिश धान की फसल के लिए काफी लाभकारी है। वहीं बारिश से नदियां भी अपनी उफान पर हैं। कई नदियों का जलस्तर बढऩे लगा है। इससे प्रशासन भी सचेत हो गया है।
रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी धंसी, कानपुर-झांसी रेलवे रूट बाधित
उधर, कानपुर देहात के रनिया स्थित पांमा व रसूलपुर सेक्शन के बीच मानव रहित गेट के नीचे बने भूमिगत रास्ते की पुलिया की मिट्टी व गिट्टी मूसलाधार बारिश के कारण धंस गई। मिट्टी धंसने से कानपुर झांसी रेलमार्ग बाधित हो गया। मौके पर पहुंचे रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने काशन देकर धीरे-धीरे ट्रेनों को आवागमन शुरू कराया।
बीते 24 घंटे से कानपुर देहात और उसके आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो रही है। ऐसे में पांमा और रसूलपुर के बीच बिराहिनपुर गांव के सामने किलोमीटर 1319 के खंम्भा नंबर 30 व 32 के बीच गेट नंबर 226 मानव रहित गेट के नीचे जाने वाले रास्ते पर मिट्टी धंस गई। पुलिया के कमजोर होने की सूचना पर ट्रेनों को उनके आखिरी स्टाप या फिर आउटर पर ही रोक दिया गया। सुबह छह बजते बजते अप व डाऊन पर कई ट्रेनों को खड़ा करना पड़ा। सूचना पर जूही यार्ड से रेल पथ निरीक्षक भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की पड़ताल में अब तक पता चला है कि करीब चार फुट मिट्टी व गिट्टी धंसी है। दोपहर बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक के नीचे काम चलाऊ व्यवस्था कर 10 किलोमीटर की रफ्तार से काशन देकर ट्रेनों को गुजारा गया।
Updated on:
26 Jul 2018 07:34 pm
Published on:
26 Jul 2018 07:33 pm
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