
प्रतीकात्मक तस्वीर - एआइ
लखनऊ : उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब इन कॉलोनियों में गंदगी, अंधेरी गलियों और टूटी सड़कों के दिन जाने वाले हैं। परिषद ने प्रदेश के 65 से अधिक जिलों में फैली अपनी आवासीय योजनाओं की सूरत बदलने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके लिए एक खास 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) बनाया जा रहा है। आवास विकास की कॉलोनियां अब प्राइवेट टाउनशिप की तरह चमचमाती नजर आएंगी। सरकार चाहती है कि दूर से ही देखकर लोग पहचान जाएं कि यह आवास विकास की हाई-टेक कॉलोनी है।
अक्सर देखा जाता है कि सरकारी कॉलोनियों में छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन नई व्यवस्था में एक कॉल से समाधान किया जाएगा। आवास विकास जल्द ही एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा जिस पर शिकायत दर्ज होते ही एक तय समय सीमा के अंदर उसे ठीक करना होगा। पानी की सप्लाई हो, स्ट्रीट लाइट की खराबी हो या पार्कों का रखरखाव हर काम के लिए अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
नई एसओपी (SOP) के तहत सफाई व्यवस्था पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। अब आवास विकास की हर कॉलोनी में प्राइवेट सोसाइटी की तरह 'डोर-टू-डोर' कूड़ा कलेक्शन अनिवार्य होगा। रोजाना सुबह हर घर से कचरा उठाया जाएगा और नालियों की सफाई के लिए चेकलिस्ट आधारित मॉनिटरिंग होगी। बच्चों के खेलने के लिए पार्कों को संवारा जाएगा और बुजुर्गों के टहलने के लिए ट्रैक दुरुस्त किए जाएंगे। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सफाई में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिषद केवल अपनी पुरानी व्यवस्था में सुधार नहीं कर रही बल्कि देश-दुनिया की बेहतरीन प्राइवेट टाउनशिप के मॉडल्स का भी अध्ययन कर रही है। जिन 25 बड़ी परियोजनाओं को अभी नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया गया है उनमें सबसे पहले यह बदलाव दिखेगा। आवास विकास का मानना है कि जब कॉलोनियों का रखरखाव बेहतर होगा वहां रहने वालों का जीवन सुधरेगा और साथ ही उनके संपत्ति की वैल्यू भी बढ़ जाएगी।
Published on:
25 Feb 2026 05:20 pm
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