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रामलीला में बनता था दशानन, काट डाला पिता का सिर

UP Crime: रेस्टोरेंट खोलने की जिद में वारदात को अंजाम दिया और बदबू मिटाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करता था बेटा...
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लखनऊ

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Namrata Tiwary

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Updated: 25 Feb 2026, 12:55 PM IST

crime news

Photo source - X

UP Crime: यूपी के लखनऊ के सेक्टर-एल में रहने वाले अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने अपने ही पिता मानवेंद्र सिंह की इतनी बेरहमी से हत्या की कि सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। पड़ोसियों का दावा है कि अक्षत हर साल रामलीला में 'रावण' का किरदार निभाता था। पड़ोसियों ने बताया कि अक्षत शुरू से ही बेहद जिद्दी और गुस्सैल स्वभाव का था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि उसकी यह जिद एक दिन उसके अपने पिता के खून की प्यासी हो जाएगी।

एक जिद ने उजाड़ा घर

इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह पिता-पुत्र के बीच वैचारिक मतभेद और बेटे की महत्वाकांक्षा बताई जा रही है। मृतक मानवेंद्र सिंह पेशे से एक पैथोलॉजी संचालक थे और शराब के कारोबार से भी जुड़े थे। वह चाहते थे कि उनका बेटा भी उनके काम में हाथ बंटाए। इसके उलट अक्षत अपने पिता की पैथोलॉजी लैब को बंद करवाकर वहां एक आलीशान रेस्टोरेंट खोलना चाहता था। वह बार-बार पिता पर लोन लेने या संपत्ति बेचने का दबाव बना रहा था। जब पिता ने उसकी इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया तो अक्षत ने फिल्मी स्टाइल में अपने ही पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली और 20 फरवरी के आसपास इस वारदात को अंजाम दे दिया।

बहन को बंधक बनाया

हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद अक्षत ने साक्ष्यों को मिटाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उसने पिता के शव को कई हिस्सों में काटा और उन्हें घर में रखे एक बड़े प्लास्टिक ड्रम के अंदर ठूंस दिया। वारदात के समय उसकी सगी बहन घर में ही मौजूद थी जिसे आरोपी ने डरा-धमककर एक कमरे में बंधक बना लिया। बहन इस कदर सदमे में चली गई कि वह विरोध करने की स्थिति में भी नहीं रही। घर के भीतर से लाश की सड़ांध बाहर न फैले और पड़ोसियों को शक न हो इसके लिए शातिर अक्षत दिन-रात पूरे घर में रूम फ्रेशनर और खुशबूदार इत्र छिड़कता रहता था। उसने खुद को सुरक्षित रखने के लिए 23 फरवरी को थाने जाकर पिता की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।

पुलिस की छापेमारी से खुला सच

पुलिस को अक्षत की बातों और उसके हाव-भाव पर शुरू से ही संदेह था। जब पुलिस की टीम जांच के लिए उसके घर पहुंची तो वहां का नजारा देख अधिकारियों के भी पैर कांप गए। घर के अंदर घुसते ही रूम फ्रेशनर की तेज महक के बीच एक अजीब सी दुर्गंध आ रही थी। तलाशी के दौरान जब कोने में रखे ड्रम को खोला गया तो उसमें मानवेंद्र सिंह के शव के टुकड़े बरामद हुए। पुलिस ने तत्काल फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस जघन्य हत्याकांड में किसी और ने भी अक्षत की मदद की थी। इस घटना ने पूरे लखनऊ को सन्न कर दिया है।