
नये मतदाता फार्म-6 भरते समय रखें सावधानी, त्रुटिरहित वोटर आईडी के लिए निर्वाचन विभाग की विशेष अपील (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
New Voter Registration Guidelines: उत्तर प्रदेश में आगामी निर्वाचन तैयारियों को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने नये मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत नागरिकों से अपील की गई है कि वे फार्म-6 भरते समय सभी जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करें, ताकि मतदान के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य है। यदि आवेदन में नाम, पता, फोटो या मोबाइल नंबर में त्रुटि होती है तो मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) जारी होने में समस्या आती है और भविष्य में मतदान के दौरान पहचान सत्यापन में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। पात्र नागरिक निम्न माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं, voters.eci.gov.in पोर्टल,ECINET मोबाइल ऐप या अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के माध्यम से निर्वाचन विभाग ने बताया कि बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों में फोटो और पते संबंधी त्रुटियाँ सामने आ रही हैं, जिससे कार्ड बनने में देरी हो रही है। इसलिए आवेदन करते समय निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक है।
मतदाता पहचान पत्र में फोटो सबसे महत्वपूर्ण पहचान होती है। खराब या धुंधली फोटो भविष्य में मतदान अधिकार प्रभावित कर सकती है। आयोग ने डिजिटल फोटो के लिए निम्न मानक निर्धारित किए हैं।
निर्वाचन अधिकारियों ने कहा कि मानक फोटो न होने पर आवेदन निरस्त भी किया जा सकता है।
फार्म-6 भरते समय आवेदक को अपना नाम और संबंधी का नाम हिंदी तथा अंग्रेजी दोनों भाषाओं में स्पष्ट अक्षरों में लिखना चाहिए। केवल एक भाषा में नाम भरने पर सिस्टम स्वतः अनुवाद करता है, जिससे वर्तनी की त्रुटि की संभावना बढ़ जाती है। संबंधी के रूप में निम्न विकल्प शामिल किए जा सकते हैं-पिता,माता,पति या पत्नी,तृतीय लिंग आवेदकों के लिए विधिक संरक्षक (गुरु),विवाहित महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर पति का नाम दर्ज करने की सलाह दी गई है।
मतदाता पहचान पत्र सही पते पर पहुंचे, इसके लिए आवेदन में पूरा पता स्पष्ट शब्दों में लिखना जरूरी है। निम्न विवरण अवश्य भरें-मकान/अपार्टमेंट नंबर,गली या मोहल्ला,शहर या गांव,डाकघर,पिन कोड,तहसील,जिला,राज्य साथ ही पास के किसी प्रमुख लैंडमार्क का उल्लेख करने से वितरण प्रक्रिया आसान होती है।
आवेदन के साथ निम्न में से किसी एक दस्तावेज की स्वप्रमाणित प्रति संलग्न करनी होगी-
निर्वाचन विभाग ने पाया है कि कई आवेदक गलत पिनकोड दर्ज कर देते हैं, जिसके कारण मतदाता पहचान पत्र पहुंचने में महीनों लग जाते हैं। इसलिए आवेदन करते समय सही पिन कोड अवश्य जांचें।
फार्म-6 में मोबाइल नंबर दर्ज करना अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन होता है। आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है,ई-EPIC (डिजिटल वोटर कार्ड) कई बार डाउनलोड किया जा सकता है,इससे मतदाता को कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहती।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी पात्र नागरिक समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जुड़वाएं। उन्होंने वर्तमान मतदाताओं से भी अपने वोटर कार्ड की जानकारी पुनः जांचने और किसी भी त्रुटि की स्थिति में तुरंत सुधार कराने को कहा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला जागरूक मतदाता होते हैं। सही जानकारी के साथ बना मतदाता पहचान पत्र न केवल मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाता है बल्कि प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार को भी सुरक्षित करता है।
विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची से जोड़ना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि युवा मतदाता बड़ी संख्या में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ सकें। निर्वाचन विभाग का मानना है कि यदि फार्म-6 सावधानीपूर्वक भरा जाए तो न केवल मतदाता कार्ड जल्दी जारी होगा बल्कि मतदान दिवस पर पहचान संबंधी किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होगी।
Published on:
25 Feb 2026 03:13 am
