
गायत्री प्रजापति को लेकर आई बड़ी खबर , इलाहबाद हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
लखनऊ. दुष्कर्म केस के अभियुक्त प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से 20 जुलाई तक प्रजापति की मेडिकल रिपोर्ट पर जवाबी हलफ़नामा/ आपत्ति दाखिल करने को कहा है। न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने मंगलवार को यह आदेश उक्त अर्जी पर प्रजापति के वकील व शाही की दलीलें सुनने के बाद दिया। प्रजापति की ओर से यह अर्जी पेश कर केस में उसकी अल्प अवधि जमानत (पैरोल) अर्जी पर गौर कर निस्तारण की गुजारिश की गयी है।
5 मार्च को प्रजापति पैरोल मामले में कोर्ट ने अंतरिम आदेश दिया था कि प्रजापति को केजीएमयू के यूरोलोजी विभाग में जांच के लिये भेजा जाए और संबंधित डॉक्टर की सलाह पर उसे वहां भर्ती किया जा सकता है। जहां पुलिस अफसरों की निगरानी में उसका इलाज किया जायेगा। अपर महाधिवक्ता शाही के आग्रह पर कोर्ट ने लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जरिए एक मेडिकल बोर्ड बनाने की छूट भी सक्षम अफसर को दी थी, जिससे प्रजापति की बीमारी की जांच कर रिपोर्ट पेश की जाए कि इसका इलाज लखनऊ के जेल अस्पताल अथवा केजीएमयू में उप्लब्ध है या नहीं। इसके बाद प्रजापति को एसजीपीजीआई शिफ्ट कर दिया गया।
मंगलवार को प्रजापति के वकील ने कोर्ट को बताया कि बीती 12 जून के कोर्ट के आदेश के बाद प्रजापति को वापस केजीएमयू के न्यूरोलोजी विभाग भेज दिया गया है। साथ ही कहा कि पहले के आदेश के बावजूद अभी तक केजीएमयू से भेजी गई प्रजापति की मेडिकल रिपोर्ट पर सरकार की तरफ से आपत्ति/ जवाब नहीं दाखिल किया गया। इसपर शाही ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लाने को समय दिए जाने का आग्रह किया, जिसे मंजूर कर कोर्ट ने इसके लिए 20 जुलाई तक का वक्त दिया।
Published on:
07 Jul 2020 09:19 pm
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