25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कानपुर के आईजी के खिलाफ दो हफ्ते के भीतर जांच करने के आदेश

डीजीपी करेंगे जांच- हाई कोर्ट का फैसला

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Anil Ankur

May 28, 2019

criminal try cheats

criminal try cheats

लखनऊ। इलहाबाद उच्च न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि कानपुर के आईजी आलोक सिंह के खिलाफ जांच करके दो सप्ताह के अंदर रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश की जाए। जांच डीजीपी स्तर के अधिकारी करेंगे। जांच के बाद कोर्ट अपने आदेश जारी करेगा।

कानपुर के हरजिंदरनगर निवासी मोहम्मद हासिम ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करके कहा कि उन्हें कानपुर की पुलिस परेशान कर रही है। इससे न केवल वह बल्कि उनका पूरा परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है। इसके लिए उन्होंने कानपुर के आईजी आलोक सिंह पर इस प्रकार की कार्रवाई कराने के आरोप लगाए हैं।

अदालत को दिए गए हलफनामे में उन्होंने कहा है कि वह लालबंगले में कुछ लोगो के साथ मिलकर प्रापर्टी का काम कर रहे थे। इसमें कानपुर के कुछ टेनरी वाले भी शामिल थे। चूंकि पहले यह जमीन सस्ती ली गई थी, लेकिन बाद में जमीन बहुत कीमती हो गई। प्रापर्टी वालों के सम्बन्ध पुलिस अधिकारियों से भी हो गए। हमने जब अपना हिस्सा मांगा तो प्रापर्टी के उनके सहयोगी पार्टनरों ने दुश्मनी मान ली। उनका कहना था कि इस काम में उन्होंने करीब 18 लाख रुपए उस वक्त दिए थे जब जमीन की कीमत कम थी। इसके बाद लगातार दबाव बनाने पर यह तय हुआ कि उन्हें पैसे के बदले इस जमीन का मूल कीमत का हिस्सा दे दिया जाएगा। लेकिन ऐसा आज तक नहीं हुआ। पार्टनरों ने पुलिस अफसर से मिलकर उन्हें प्रताडि़त कराना शुरू कर दिया। मोहम्मद आसिम का दावा है कि इसके पहले उनके ऊपर केवल एक बार मुकदमा लिखा गया था लेकिन एक साल के अंदर उन पर मुकदमों की सिरीज शुरू हो गई। पहले गुंडा एक्ट से लेकेर गैंगेस्टर और हिस्टी शीटर तक बना दिया गया। इसमें अधिकांश मामले कोर्ट के आदेश से खारिज किए जा चुके हैं। उन्होंने कोर्ट के आदेश के तहत डीजीपी से न्याय की गुहार की है।