केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ सरकार की अपील पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। मंत्री के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि] वर्तमान अपील के स्थानांतरण सम्बंधी उनकी विशेष अनुमति याचिका पर चार सप्ताह के भीतर सुनवाई हो सकती है लिहाजा मामले में अग्रिम तिथि दी जाए।
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में युवा समाजवादी नेता प्रभात गुप्ता हत्याकांड पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले का इंतजार बेसब्री से हो रहा है। आज सुनवाई होनी थी। पर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ सरकार की अपील पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। मंत्री के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि वर्तमान अपील के स्थानांतरण सम्बंधी उनकी विशेष अनुमति याचिका पर चार सप्ताह के भीतर सुनवाई हो सकती है लिहाजा मामले में अग्रिम तिथि दी जाए। मामले के वादी पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया। यहां तक सुनवाई के दौरान मंत्री और वादी वकील में तीखी नोकझोंक भी हुई।
चेतावनी के साथ हाईकोर्ट ने दी नई तारीख
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति रेनू अग्रवाल की खंडपीठ ने इस मामले में
अगली तारीख 17 अक्तूबर तय की है। साथ ही यह भी साफ-साफ कह दिया गया है कि, अगली तिथि पर एसएलपी के मात्र लंबित रहने के आधार पर सुनवाई को टाला नहीं जाएगा। सुनवाई में मंत्री व वादी के वकीलों के बीच कई बार तीखी नोक झोंक हो गई। जिस वजह से असमंज की स्थिति पैदा हो गई।
प्रभात गुप्ता हत्याकांड मामले जानें
8 जुलाई साल 2000 को लखीमपुर के तिकुनिया क्षेत्र के बनवीरपुर गांव में प्रभात गुप्ता की हत्या हुई। प्रभात गुप्ता मर्डर केस में पिता संतोष गुप्ता ने मौजूदा समय में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के साथ शशि भूषण, राकेश डालू और सुभाष मामा को हत्या में नामजद आरोपी बनाया। आरोप लगाया गया कि प्रभात गुप्ता को दिनदहाड़े बीच रास्ते में पहली गोली अजय मिश्रा ने उसकी कनपटी पर मारी और दूसरी गोली सुभाष मामा ने प्रभात के सीने में मारी थी। जिसके बाद प्रभात गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई।