27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हाईकोर्ट ने कहा- गाय को संरक्षित राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जरूरत

High Court News: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा, "देश में गोवध रोकने के लिए केंद्र सरकार प्रभावी निर्णय ले। सरकार गाय को संरक्षित राष्ट्रीय पशु घोषित कर सकती है।"
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Sakshi Singh

•

Updated: 4 Mar 2023, 11:02 AM IST

highcourt_lucknow_bench.jpg

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गाय को संरक्षित राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जरूरत जताई है। कोर्ट ने कहा कि देश में गोवध रोकने के लिए केंद्र सरकार प्रभावी निर्णय ले। देश में लगातार गोवंश के संरक्षण की मांग हो रही है। इसलिए भारत सरकार गोवध पर रोक लगाने का निर्णय करते हुए देश में गाय को संरक्षित राष्ट्रीय पशु घोषित कर सकती है।

गो तस्कर की याचिका खारिज
जज शमीम अहमद की एकल पीठ ने वैदिक काल से चली आ रही गाय की महिमा और महत्व को बताया। उन्होंने अपने आदेश में बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र के यूपी गोवध निवारण कानून के आरोपी मोहम्मद अब्दुल खलीक की याचिका को खारिज कर दिया। याचीकर्ता को पुलिस ने गोवंश के मांस के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में याचिका दाखिल कर केस खत्म किए जाने का आग्रह किया गया था।

कोर्ट ने कहा, "देश में सभी धर्मों के सम्मान के साथ हिन्दुओं में गाय को ईश्वर का प्रतिनिधि होने की आस्था और विश्वास है। ऐसे में इसे संरक्षित किया जाना चाहिए। हिन्दू धर्म में गाय को पशुओं में सबसे पवित्र माना गया है। सभी कामनाओं की पूर्ति करने वाली कामधेनु के रूप में भी इसे पूजा जाता है। इसके पैर चारों वेद, स्तन को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के रुप में चार पुरुषार्थ का प्रतीक माना जाता है।"

'पुराणों में भी गाय दान को बताया गया है सर्वोत्तम'
गोवंश का वैदिक काल से लेकर मनुस्मृति, महाभारत, रामायण में वर्णित धार्मिक महत्व के साथ ही व्यापक अर्थिक महत्व भी है। गाय से मिलने वाले पदार्थों से पंचगव्य तक बनता है। इसी लिए पुराणों में गाय दान को सर्वोत्तम कहा गया है। भगवान राम के विवाह में भी गायों को उपहार में देने का वर्णन है।"