
होली पर्व को लेकर इस साल भी असमंजस की स्थिति बन गई है
Holi 2025:होली की तिथि का लेकर इस साल भी देश भर में असमंजय की स्थिति पैदा हो गई है। होली मनाने को लेकर कल काशी और अन्य राज्यों के ज्योतिषियों की वर्चुअल बैठक में ये मामला जोरशोर से उठा। ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता ज्योतिषार्य बुद्धिबल्लभ ने की। संचालन आचार्य पवन पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि इस साल भी होली मनाने को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। उत्तराखंड पर्व निर्णय सभा के संरक्षक आचार्य डॉ. भुवन चंद्र त्रिपाठी के शास्त्रत्त सम्मत व्यवस्था संबंधी पत्र को उनके प्रतिनिधि उमेश चंद्र त्रिपाठी ने पढ़कर सुनाया। काशी विद्वत परिषद से डॉ. अमित मिश्रा ने कहा कि काशी में होली, होलिका के दहन के दूसरे दिन मनाने की परंपरा है। पर्व निर्णय सभा के अध्यक्ष डॉ. जगदीश चंद्र भट्ट और सचिव डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बैठक का संचालन करते हुए एकरूपता पर चर्चा की। बैठक में पंचतत्व विद्वत परिषद से भूपेंद्र पाठक और पर्व निर्णय सभा से उमेश चंद्र त्रिपाठी, डॉ. राम भूषण बिजलवाण, हरीश चंद्र जोशी, बसंत बल्लभ त्रिपाठी, पंचांगकर दीपक जोशी आदि शामिल हुए। तय हुआ कि 13 मार्च की रात होलिका दहन जबकि 15 मार्च को पूरे देश में होली मनाई जाएगी।
ज्योतिषाचार्य डॉ. मंजू जोशी ने कहा कि फाल्गुन मास की भद्रारहित पूर्णिमा में होलिका दहन और प्रतिपदा को होली (छरड़ी, धुलेंडी) मनाने का प्रावधान है। लेकिन इस साल होलिका दहन के अगले दिन यानी 14 मार्च को भद्रा और चंद्रग्रहण है। चंद्रग्रहण में शुभकार्य वर्जित होते हैं। इसी को देखते हुए विद्वानों ने निर्णय लिया कि इस साल 15 मार्च को होली मनाई जाएगी।
सरकारी कैलेंडर के हिसाब से इस साल 14 मार्च यानी शुक्रवार को होली का अवकाश घोषित किया गया है। ऐसे हालात में खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों को होली के दिन कार्यालयों में काम करना पड़ सकता है। इससे उन्हें तमाम परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। हालांकि आने वाले दिनों में सरकार अवकाश की तिथि बदल भी सकती है।
Updated on:
25 Feb 2025 08:57 am
Published on:
25 Feb 2025 08:46 am
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