जिला अस्पताल का कमाल..वारिस लाश की लावारिस कहानी!

भीड़ में पर्चा बनवाने में परिजनों को थोड़ा वक्त लग गया। इसी बीच अस्पताल के कर्मचारियों ने वारिस लाश को लावारिस बनाकर अस्पताल के मर्चरी वार्ड के कमरे में ताला लगाकर कैद कर दिया

2 min read
Apr 25, 2016
Postmortem
राजीव
शर्मा।
बहराइच।
अनहोनी को होनी कर दे, होनी को अनहोनी, अमर अकबर एंथोनी
फ़िल्म का ये गाना तो आपने जरूर सुना होगा। ये तो रही फ़िल्मी पर्दे की बात
लेकिन, हम आपको कुछ इसी गीत से मिलती जुलती एक ताज़ा रियल स्टोरी का वाकिया
बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर यकीन मानिए आपके चेहरे पर भी हँसी जरूर आ जायेगी। कुछ ऐसा ही करिश्मा भारत-नेपाल बार्डर के जिले बहराइच
के जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा में तैनात स्टाफ द्वारा किया
गया। जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो गया। दरअसल सोमवार को बहराइच जिले के जिला अस्पताल
में थाना दरगाह इलाके के ललगढा गाँव से चलकर अपने परिजनों के साथ जिला
अस्पताल में इलाज कराने आये 38 वर्षीय जगराम के परिजन उसे इमरजेंसी में
एडमिट कर अस्पातल के पर्चा काउंटर पर मरीज का पर्चा बनवाने के लिए चले गए।


तब तक जगराम ने अस्पताल के बिस्तर पर दम तोड़ दिया। भीड़ में पर्चा बनवाने में
परिजनों को थोड़ा वक्त लग गया। इसी बीच अस्पताल के कर्मचारियों ने वारिस लाश
को लावारिस बनाकर अस्पताल के मर्चरी वार्ड के कमरे में ताला लगाकर कैद कर
दिया और आनन फानन में लावारिस लाश का मेमों भी कोतवाली भेज दिया गया। जब मृतक
के परिजन इमरजेंसी में अपने मरीज को गयाब पाकर तलाश करने लगे तो पता चला
की अस्पताल के कर्मचारियों ने काम में बड़ी फुर्ती दिखाते हुए किसी का
इंतजार किये बिना ही मृतक को लावारिस करार करते हुये मर्चरी में लगा दिया। जब मृतक की लाश की डिमांड अस्पताल प्रसासन से परिजनों ने की तो मामला
पुलिस का बताते हुए अस्पताल के कर्मचारियों ने अपना पल्ला झाड़ लिया।


अब
हालात ये है की मृतक की लाश वारिस होते हुए भी लावारिस बनकर अस्पताल के
मर्चरी वार्ड में बंद है। बीमारी से हुयी एक मरीज की स्वाभाविक मौत के बाद भी
वारिस और लावारिस के खेल में एक वारिस लाश पुलिस, अस्पताल, मर्चरी और
परिजनों के बीच अंतिम संस्कार के लिए झूल रही है।

Published on:
25 Apr 2016 10:27 pm
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