6 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिंदा महिला को बता दिया मृत, डेथ सर्टिफिकेट पर करवा लिए साइन, हंगामे पर ICU से निकली जिंदा

Pregnant Woman Death News : लखनऊ में एक निजी अस्पताल की लापरवाही सामने आई है। यहां एक जिंदा महिला को मृत बताकर डेथ सर्टिफिकेट पर साइन करवा लिए।

2 min read
Google source verification

चांदनी का फाइल फोटो, PC- X

लखनऊ : लखनऊ के एक निजी अस्पताल ने गजब का कारनामा कर दिया। एक महिला को मृत बता दिया और परिजनों से डेथ सर्टिफिकेट पर साइन भी करवा लिए। महिला के परिजनों ने जब जमकर हंगामा किया और बोले कि मुझे मेरे मरीज से मिलवाओ। इसके बाद जब अस्पताल प्रबंधन ने महिला को ICU से बाहर निकाला तो उसकी सांसे चल रही थीं और महिला जिंदा थी।

महिला की हालत गंभीर होने पर उसे पहले बलरामपुर अस्पताल रेफर किया गया, उसके बाद में वहां से उसे KGMU के लिए रेफर कर दिया गया। हलांकि 6 घंटे बाद महिला की मौत हो गई, उसे बचाया नहीं जा सका।

मामला पीजीआई थाना क्षेत्र के वृंदावन योजना स्थित कृष्णा लाइफ लाइन हॉस्पिटल की है। महिला की पहचान इस्माइलनगर, नगराम निवासी आशु रावत की पत्नी चांदनी कुमारी (22) के रूप में हुई। गुरुवार को चांदनी ने कृष्णा लाइफ लाइन अस्पताल में ऑपरेशन के बाद बेटे को जन्म दिया था। आज, शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे उसकी KGMU में मौत हो गई।

7 बजे दिया बच्चे को जन्म

चांदनी कुमारी को गुरुवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे भर्ती कराया गया। शाम करीब 7 बजे ऑपरेशन के जरिए उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए उन्हें ICU में शिफ्ट कर दिया। महिला के ससुर अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि ICU में भर्ती करने के बाद अस्पताल प्रशासन इलाज के नाम पर बार-बार पैसे जमा कराता रहा। पहले 15 हजार रुपए जमा कराए गए, फिर 18,500 और उसके बाद 25 हजार रुपए जमा करवाए गए। परिजनों से खून लेकर रातभर चढ़ाया जाता रहा।

लगातार अस्पताल प्रशासन करता रहा गुमराह

महिला के भाई दिनेश ने बताया कि शुक्रवार सुबह डॉक्टरों ने 8 यूनिट खून और चढ़ाने की बात कही। सुबह करीब 7 बजे उन्होंने 8 लोगों को खून देने के लिए बुला लिया। इसी दौरान अस्पताल स्टाफ परिजनों को लगातार गुमराह करता रहा। कुछ देर बाद अस्पताल की ओर से बताया गया कि मरीज की मौत हो चुकी है और डेथ सर्टिफिकेट पर साइन भी करवा लिए गए।

मौत की खबर मिलते ही हुआ हंगामा

मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने महिला को दिखाने की मांग की। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने जब महिला को ICU से बाहर निकाला तो पता चला कि उसकी सांसें चल रही थीं।

करीब 15 मिनट के भीतर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद अस्पताल ने महिला को तुरंत रेफर कर दिया। एम्बुलेंस से उसे बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए उसे KGMU रेफर कर दिया। KGMU में इलाज के दौरान शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे महिला की मौत हो गई।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चांदनी को गुरुवार दोपहर 2:20 बजे 9 महीने की गर्भावस्था में भर्ती कराया गया था। बच्चे की धड़कन असामान्य थी और प्लेटलेट्स भी कम थे। परिजनों की सहमति के बाद ऑपरेशन किया गया। बाद में महिला की हालत बिगड़ने पर दोबारा ऑपरेशन किया गया।