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Kanshi Ram 92nd Birth Anniversary: कांशीराम की 92वीं जयंती पर बसपा का ‘लखनऊ चलो’ आह्वान, 15 मार्च को राजधानी में बड़ा जमावड़ा

Kanshi Ram 92nd Birth Anniversary News: बसपा संस्थापक कांशीराम की 92वीं जयंती पर पार्टी ने 15 मार्च को “लखनऊ चलो” का आह्वान किया है। राजधानी में हजारों कार्यकर्ता जुटेंगे, जबकि मायावती के संबोधन की भी संभावना है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 06, 2026

कांशीराम जयंती पर बसपा का लखनऊ चलो आह्वान (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

कांशीराम जयंती पर बसपा का लखनऊ चलो आह्वान (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Kanshi Ram 92nd Birth Anniversary Rally: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक और बहुजन आंदोलन के प्रणेता Kanshi Ram की 92वीं जयंती के अवसर पर Bahujan Samaj Party ने प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं से “लखनऊ चलो” का आह्वान किया है। 15 मार्च को राजधानी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन पुरानी जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर किया जाएगा, जहां बसपा नेतृत्व बहुजन आंदोलन की विचारधारा और संगठन को मजबूत करने का संदेश देगा।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जयंती कार्यक्रम को लेकर संगठन ने प्रदेश के विभिन्न मंडलों और जिलों में तैयारियां तेज कर दी हैं। बसपा का लक्ष्य है कि इस आयोजन के जरिए संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन किया जाए और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरी जाए।

12 मंडलों से आएंगे कार्यकर्ता

बसपा के इस बड़े आयोजन में प्रदेश के 12 मंडलों से हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए पार्टी के जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हर जिले से कार्यकर्ताओं को बसों और अन्य वाहनों के जरिए लखनऊ लाने की योजना बनाई जा रही है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि कांशीराम की जयंती बसपा के लिए केवल एक स्मृति दिवस नहीं बल्कि संगठन को मजबूत करने और बहुजन समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष के संकल्प को दोहराने का अवसर है। यही वजह है कि इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

मायावती के संबोधन की संभावना

सूत्रों के अनुसार, बसपा सुप्रीमो Mayawati भी इस कार्यक्रम को संबोधित कर सकती हैं। यदि उनका कार्यक्रम तय होता है तो यह बसपा कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा उत्साह बढ़ाने वाला होगा। मायावती के संबोधन में संगठन की रणनीति, दलित-पिछड़े वर्गों के मुद्दे और आगामी राजनीतिक दिशा पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांशीराम की जयंती पर होने वाला यह कार्यक्रम बसपा के लिए संगठनात्मक ताकत दिखाने का अवसर भी होगा। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ाने और संगठन को नए सिरे से मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

नोएडा में भी होंगे विशेष कार्यक्रम

लखनऊ के अलावा गौतमबुद्ध नगर के नोएडा क्षेत्र में भी कांशीराम की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में पार्टी के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता बहुजन आंदोलन के इतिहास और कांशीराम के योगदान पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रमों के दौरान सामाजिक न्याय, समान अधिकार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता मजबूत होती है।

आकाश आनंद की रैली की तैयारी

बसपा के केंद्रीय संयोजक Akash Anand भी इस मौके पर सक्रिय नजर आएंगे। जानकारी के अनुसार, वह राजस्थान के भरतपुर में एक बड़ी रैली को संबोधित कर सकते हैं। इससे बसपा के संगठनात्मक विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। आकाश आनंद पिछले कुछ समय से बसपा के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और युवाओं को पार्टी से जोड़ने के प्रयास कर रहे हैं। भरतपुर में प्रस्तावित रैली को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

कांशीराम की विचारधारा पर रहेगा फोकस

बसपा का कहना है कि जयंती कार्यक्रम के दौरान कांशीराम के जीवन, संघर्ष और उनकी विचारधारा को याद किया जाएगा। उन्होंने बहुजन समाज के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लंबा संघर्ष किया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा दी। कांशीराम ने 1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी। उनका लक्ष्य था कि समाज के वंचित वर्गों को राजनीतिक रूप से संगठित कर सत्ता में भागीदारी दिलाई जाए। उनके नेतृत्व में बसपा ने देश और खासतौर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाया।

संगठन को मजबूत करने की रणनीति

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बसपा इस आयोजन के जरिए अपने संगठन को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी के सामने कई राजनीतिक चुनौतियां रही हैं। ऐसे में जयंती कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठित करना और उन्हें सक्रिय बनाना पार्टी की प्राथमिकता है। लखनऊ में होने वाला यह कार्यक्रम बसपा के लिए शक्ति प्रदर्शन का मंच भी बन सकता है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी पार्टी के मनोबल को बढ़ाने में मदद करेगी।

प्रशासन और सुरक्षा की तैयारियां

कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी लखनऊ में प्रशासन भी सतर्क रहेगा। बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा सकते हैं। पुलिस और प्रशासन कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी कर रहे हैं।

राजनीतिक संदेश देने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि कांशीराम की जयंती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिए बसपा अपने राजनीतिक संदेश को भी मजबूत तरीके से सामने रखेगी। पार्टी नेतृत्व सामाजिक न्याय, बहुजन एकता और राजनीतिक भागीदारी के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। कुल मिलाकर 15 मार्च को लखनऊ में होने वाला यह कार्यक्रम बसपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक आयोजन साबित हो सकता है। इसमें कार्यकर्ताओं की भागीदारी और नेतृत्व के संदेश पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।