लखनऊ

यूपी में भी है सोने की खदान, कैसे होती है मिट्टी में Gold की पहचान

भारत देश में कई वर्षों से लोग सोने में निवेश करते आए हैं। यहां तक कि परंपरा तक के नाम पर सोने की जमकर खरीदारी की जाती है। दुनियाभर को अपनी चमक का दीवाना बनाने वाला सोना देश के कोलार, रायचूर जिलों निकाला जाता है। वहीं, सबसे ज्यादा गोल्ड देश के कर्नाटक में (करीब 17 लाख) पाया जाता है।

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Jul 17, 2022
Sone ki Khadan File Photo

देश में कई वर्षों से लोग सोने में निवेश करते आए हैं। महिलाओं में भी गोल्ड को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। खरीदे गए गोल्ड का अधिकांश हिस्सा विदेशों से मंगवाया जाता है। लेकिन अब सोना उगलने में उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं है। इस राज्य में भी सोने की खदान मौजूद है। यूपी के सोनभद्र जिले को सोने की खदान के रूप में जाना जाता है। साल 2020 में सोनभद्र में 2900 टन सोना पाया गया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जमीन के अंदर सोने की पहचान कैसे की जाती है?

ऐसे होती है जमीन के अंदर गोल्ड की पहचान

मिट्टी में गोल्ड की पहचान करने के लिए ग्राउंड पेनीट्रेटिंग रडार का प्रयोग किया जाता है। दरअसल यह मिट्टी के भौतिक गुणों जैसे घनत्व, चुंबकीय गुण, रेजिस्टिविटी को रिकॉर्ड करता है जिसके आधार पर ग्राफ तैयार कर यह अनुमान लगाया जाता है कि मिट्टी के नीचे कौन सा तत्व है इसके बाद कोर एनालिसिस की जाती है। इसमें जमीन के नीचे ड्रिलिंग कर थोड़ा-थोड़ा मैटेरीयल निकाल कर उसका विश्लेषण किया जाता है। इससे स्थल विशेष पर नीचे क्या है इसकी सटीक जानकारी मिलती है।

जमीन के भीतर छिपे संपदास, सोना, चांदी, वीएलएफ टेक्नोलॉजी के जरिये भी पता लगाया जा सकता है। इसके लिए जमीन के भीतर तरंगे भेजी जाती हैं। एक बार इन तरंगों से टकराने के बाद वीएलएफ रिसीवर्स उस वस्तु के चारों ओर इलेक्ट्रोमैग्रेटिक फील्ड बनाता है और खास मेटल से टकराकर एक अनुगूंज पैदा करता है।

भारत में सबसे ज्यादा सोना कहां है?

कोलार, धारवाड़, और रायचूर जिलों से सोना निकाला जाता है। माना जाता है कि कर्नाटक में करीब 17 लाख टन सोने के अयस्क का भंडार है। इसमें ज्यादातर खदान हसन, धारवाड़, रायचूर और कोलार जिलों में स्थित हैं। इसके बाद आंध्रप्रदेश, झारखंड, केरल और मध्य प्रदेश में सोने और हीरे की खान हैं। स्वर्ण अयस्क की संसाधन श्रेणी का लगभग 44 प्रतिशत यानी लगभग 222.8 मिलियन टन बिहार में है। इसके बाद राजस्थान (25%), कर्नाटक (21%), पश्चिम बंगाल (3%), आंध्र प्रदेश (3%), झारखंड (2%) है।

कितना बड़ा है भारत का स्वर्ण अयस्क भंडार

नेशनल मिनरल इंवेंटरी के आंकड़ों के अनुसार, देश में स्वर्ण अय्स्क का कुल भंडार 50.183 करोड़ टन का अनुमानित किया गया है। इनमें से 1.772 करोड़ टन को रिजर्व कैटेगरी में रखा गया था और शेष 48.4 करोड़ टन को शेष रिसोर्स कैटेगरी में रखा गया।

Published on:
17 Jul 2022 05:58 pm
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