
आईएएस डॉ हरिओम व चंदन दास ने गजलों से बांधा शमा, तालियों से गूंज उठी महफिल
लखनऊ. 'तस्वीर बनाता हूं तस्वीर नहीं बनती' गजल गुनगुनाते ही गजल गायकी के बादशाह चंदन दास व आईएएस डॉ हरिओम ने अपनी जादुई आवाज से सबको दीवाना कर दिया। तालियों से पूरी महफिल गूंज उठी। उन्होंने अपनी आवाज में 'मीर तकी मीर', 'बशीर बद्र' और 'निदा फ़ाज़ली' की रचनाओं की बानगी पेश की। राजधानी के स्टेशन रोड स्थित होटल टूलिप में "ड्रीमज़ ग्रुप" व बज़्म एसोसिएशन के द्वारा ग़ज़ल के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी शुरुवात डॉ हरिओम मशहूर ग़ज़ल गायक के द्वारा की गई।
सुरों की महफिल का आगाज आईएएस हरिओम ने 'मीर तकी मीर' की ग़ज़ल 'देख तो दिल के जां उठता है यह धुआं कहां से उठता है'.. सुनाकर किया। चंदन दास ने डॉ बशीर बद्र की गजल 'आसमां से चांद उतरे जाम हो जा, तुम्हारे नाम सुबह शाम हो जाए' सुनाई इसके बाद उन्होंने निदा फ़ाज़ली की गजल अपना गम लेके कहीं और न जाया जाए सुनाकर लोगों को प्रभावित किया। आईएएस डॉ हरिओम ने कैसिओ, हारमोनियम, तबला, गिटार ने मौहोल को ख़ुशनुमा बना दिया उनके साथ चंदन दास ने भी अपने इल्म का प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
Updated on:
29 Sept 2019 09:25 am
Published on:
29 Sept 2019 09:09 am
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