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निरक्षर महिलाएं भी कर सकेंगी विश्वविद्यालय में पढ़ाई, राज्यपाल ने बताई योजना

निरक्षर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश के आगरा विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालय मेरठ में बड़ी पहल होने जा रही है। यह दोनों विश्वविद्यालय निरक्षर महिलाओं को पढ़ाते हुए उन्हें सर्टिफिकेट देंगे।
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लखनऊ

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Vishnu Bajpai

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Updated: 21 Mar 2023, 7:16 AM IST

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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में यह योजना साझा की। इसके तहत प्रदेश की निरक्षर महिलाओं को आगरा विश्वविद्यालय में कांच से जुड़ी कला का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही खेती से जुड़ी निरक्षर महिलाओं के लिए विशेष कोर्स शुरू किया जाएगा। इसके लिए आगरा में एक कॉलेज तैयार होगा जो आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध रहेगा। यहां पढ़ने वाली महिलाओं को आगरा विश्वविद्यालय सर्टिफिकेट देगा।

मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय कैंपस में भी खेती से जुड़े कोर्स शुरू होंगे। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में ’महिला सशक्तिकरण हेतु हुनर से रोजगार’विषय पर कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उक्त योजना को साझा किया। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं निरक्षर हैं और कुछ करना चाहती हैं उन्हें विश्वविद्यालय आगे बढ़ाएं।

आगरा में कांच से जुड़ी कला का मिलेगा प्रशिक्षण
कुलाधिपति ने कहा कि आगरा विश्वविद्यालय में निरक्षर महिलाओं को कांच से जुड़ी कला का प्रशिक्षण मिलेगा और इसका सर्टिफकेट आगरा विश्वविद्यालय देगा। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.केके सिंह को भी खेती से जुड़ी निरक्षर महिलाओं के लिए विशेष कोर्स शुरू करने को कहा। कुलाधिपति ने कहा कि तीन से छह महीने के ये सर्टिफिकेट कोर्स महिलाओं के हुनर को तराशते हुए उन्हें आगे बढ़ाने के लिए होंगे।

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वेस्ट यूपी को मिली बॉयो कंट्रोल लैब
मेरठ, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के 18 जिलों को रविवार को जैव नियंत्रण प्रयोगशाला (बॉयो कंट्रोल लैब) मिल गई। चार करोड़ की लागत से तैयार इस लैब का कुलाधिपति ने कृषि विश्वविद्यालय में लोकार्पण किया।

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दस प्रयोगशाला, चार कक्षाएं, एक कांफ्रेंस रूम और एक ट्रेनिंग हॉल की इस जैव नियंत्रण लैब में किसानों को कीटनाशकों के बिना फसल में कीट नियंत्रण का विकल्प मिलेगा। लैब में ऐसे बॉयो एजेंट विकसित किए जाएंगे जो फसल में छिड़कने से कीटों को नहीं पनपने देंगे। कीटनाशकों के बेतहाशा प्रयोग के बीच वेस्ट यूपी के किसानों के लिए यह लैब बड़ी सौगात है। कृषि विश्वविद्यालय को तीन ड्रोन भी मिले हैं जो खेती की सूरत बदलने में मददगार होंगे।