
Indira gandhi
लखनऊ. इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं, उन्होंने देश हित में कई कड़े फैसले लिए, उन्हें कठोर फैसले लेने के लिए जाना जाता था। इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी। राजनीति में इंदिरा गांधी ने भी काफी उतार चढ़ाव देखे, उनके द्वारा लगाए गए अपातकाल को लेकर भी वे काफी चर्चा में रहीं। इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में तो मिली थी लेकिन वो हालात बहुत मुश्किल थे, उस समय इंदिरा विपक्ष के निशाने पर थीं। यहां तक की उन्हें गूंगी गुडिय़ा तक कह दिया गया, लेकिन इंदिार गांधी हार नहीं मानीं उन्होंने अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया उन्होंने गूंगी गुडिय़ा कहने वालों की बोलती तक बंद कर दी। आज से ठीक 100 साल पहले इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। उनके पिता पंडित जवाहर लाल नेहरू एक कुशल राजनीतिक थे, उनके बाबा पंडित मोतीलाल नेहरू एक प्रसिद्ध वकील थे। यहां पर आपको इंदिरा गांधी के जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें बताए जा रही है...
-इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री बनीं तो कांग्रेस पार्टी में बगावत हो गई, मोरारजी देसाई पार्टी के इस फैसले से काफी नाराज थे। वैसे मोरारजी देसाई और इंदिरा के बीच आंकड़े हमेशा छत्तीस के ही रहे इसके बावजूद भी इंदिरा मोरारजी देसाई को काफी सम्मान देती थीं, उन्होंने मोरारजी देसाई को उप प्रधानमंत्री बनाया था।
-इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री बनीं तो उनकी राह आसान हीं थी, वे बहुत सहज नहीं थीं, एक पार्टी में विरोध और दूसरी तरफ विपक्ष के हमले ये उन्हें कहीं न कहीं विचलित जरूर करते थे। वह शुरू-शुरू में भाषण और संसद में बहसबाजी से बचना चाहती थीं। इंदिरा गांधी को 1969 में बजट पेश करना था, तब वह इतनी डरीं थीं की उनके मुंह से आवाज ही नहीं निकल रही थी। इंदिारा गांधी के निजी चिकित्सक रहे डॉक्टर केपी माथुर ने अपनी किताब 'द अनसीन इंदिरा गांधी में काफी कुछ लिखा है।
-पीएम बनने के एक या दो साल तक इंदिरा बहुत तनाव में रहीं। वह उन कार्यक्रमों में अपने आप को असहज महसूस करतीं और उनसे बचने का प्रयास करतीं जहां उन्हें बोलना होता था। इंदिरा गांधी की इस असहजता से विपक्ष उन पर हमेशा हमलावर रहा। राम मनोहर लोहिया ने तो इंदिरा को 'गूंगी गुडिय़ाÓ तक कह दिया था।
-इंदिरा गांधी ने जल्द ही अपने आपको स्थापित कर लिया, उन्होंने पार्टी में अपने विरोध की प्रवाह न करते हुए विरोधियों पर मुखर होने के साथ-साथ विपक्षियों को भी करारा जवाब देती थीं। इंदिरा गांधी ने अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान कई ऐसे क्रांतिकारी फैसले लिए जिसके लिए वह आज भी जानी जाती हैं। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं उनके द्वारा लिए गए कुछ फैसलों के बारे में...
-19 जुलाई 1969 को इंदिारा ने 14 बड़े बैंकों का राष्ट्रीकरण कर दिया। जो बैंकिंग सेवाएं बड़े व्यापारियों और किसानों तक ही सीमित थीं अब वो देश की जनता और आम किसानों तक पहुंचने लगीं।
-इंदिरा गांधी ने भूमिहीन और समाज के कमजोर वर्ग को ध्यान में रखते हुए उनके लिए भूमि सुधार नीति बनाई।
- इंदिरा गांधी ने हरित क्रांति को बढ़ावा दिया, परिणाम ये हुआ कि पहले जहां भारत को अमेरिका से खाद्यान्न आयात करना पड़ता था, भारत खाद्यान्न निर्यात करने लगा।
- इंदिरा गांधी ने पार्टी में आए दिन हो रही किचकिच को देखते हुए अलग रास्ता ले लिया और कांग्रेस का विभाजन हो गया। मोरारजी देसाई ने कांग्रेस ओ बना लिया और इंदिरा ने कांग्रेस आर बनाई, जिसे बाद में कांग्रेस आई नाम दिया गया।
-इंदिारा गांधी ने 1971 के लोकसभा चुनावों में गरीबी हटाओ का नारा दिया। इंदिरा गांधी की आंधी चली और कांग्रेस आई ने 352 लोकसभा सीटें जीत कर प्रचंड बहुमत की सरकार बनाई। मोरार जी देसाई की कांग्रेस ओ को केवल 16 सीटें ही मिलीं। अब उनके विरोधियों की बोलती बंद हो गई।
पाकिस्तान की इस गलती पर दिया करारा जवाब
ये वो दौर था, जब पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तान की सेना ने आम लोगों की जिंदगी को तबाह कर दिया था। पाकिस्तान के सैनिक तानाशाह याहया खान ने २५ मार्च १९७१ को पूर्वी पकिस्तान की राजधानी की जनभावनाओं को सैनिक ताकत के बल पर कुचलने का आदेश दे दिया था। इसके बाद शेख मुजीद को गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्वी पाकिस्तान से शरणार्थी भारत आने लगे। पाकिस्तान की नापाक हरकतें बढ़ती जा रही थीं। 3 दिसंबर 1971 को इंदिरा गांधी कोलकाता में एक जनसभा को संबोधित कर रही थीं। उसी दिन शाम को पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों ने भारतीय वायु सीमा पार कर पठानकोट, श्रीनगर, अमृतसर, जोधपुर और आगरा के सैनिक सैनिक हवाई अड्डों पर बमबारी कर दी। इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान की इस हरकत पर उसे सबक सिखाने की ठान ली और उसके बाद जो हुआ वह सब जानते हैं।
... और बदल दिया पाकिस्तान का भूगोल
भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस हरकत का पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। 13 दिन में लड़ाई खत्म हो गई। 16 दिसंबर हो हमारी सेना ने पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों को बंदी बना लिया। इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान का इतिहास ही नहीं, भूगोल भी बदल दिया। पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया। इंदिरा गांधी की पहल पर बांग्लादेश नया देश बन गया, जिसके राष्ट्रपति शेख मुजिबिल रहमान बने। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा को दुर्गा का अवतार तक कहा था।
दुनिया को दिखाई भारत की ताकत
इंदिार गांधी भारत को एक नई महाशक्ति बनाने में जुटी हुई थीं। 18 मई 1974 को इंदिरा ने पोखरण में परमाणु परीक्षण करवाकर पूरी दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया। इस समय तक इंदिरा गांधी देश की ताकतवर प्रधानमंत्री बन चुकी थीं। उसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक फैसले लिए।
Published on:
19 Nov 2017 05:17 pm
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