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मायावती ने दिया अखिलेश को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज व विनोद सिंह समेत 200 नेता बसपा में शामिल

समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर 2019 का आम चुनाव लडऩे की तैयारी में जुटी बहुजन समाज पार्टी ने सपा को तगड़ा झटका दिया है।

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indrajeet saroj and vinod singh join bsp bahujan samaj party

मायावती ने दिया अखिलेश को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज व विनोद सिंह समेत 200 नेता बसपा में शामिल

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर 2019 का आम चुनाव लडऩे की तैयारी में जुटी बहुजन समाज पार्टी ने सपा को तगड़ा झटका दिया है। समाजवादी पार्टी के महासचिव इंद्रजीत सरोज और सुलतानपुर के कद्दावर नेता व पूर्वमंत्री विनोद सिंह समेत दर्जनों सपा नेताओं ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले बसपा छोडकऱ गए तमाम नेताओं की मायावती ने घर वापसी करवा दी है। मायावती की इस पहल से अखिलेश यादव को बड़ा झटका लगा है।

बसपा छोड़ चुके नेताओं पर नजर

बहुजन समाज पार्टी लोकसभा चुनाव जीतने के लिए अनेक मोर्चे पर काम कर रही है। इसके तहत जहां वह अपने संगठन को फिर से मजबूत कर रही है। और सभी वर्गों के नेताओं को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारियां दे रही हैं। वहीं कैडर बेस्ड पार्टी के पुराने नेताओं की जो किन्ही कारणों से बसपा छोड़ गए हैं उनकी घर वापसी करवा रही है। इसी क्रम में अकेले लखनऊ जोन कैडर के करीब 200 कार्यकर्ताओं को गुरुवार को पार्टी में फिर से शामिल कर लिया गया। इनमें से तमाम ऐसे नेता थे जो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा छोडकऱ सपा समेत अन्य पार्टियों में शामिल हुए थे। गौरतलब है कि मायावती अपनी मंडल यूनिटों का पुनर्निर्माण कर रही हंै, जिसके तहत उन्होंने उप्र में कई विधानसभा अध्यक्षों को बदल दिया है। मसलन, लखनऊ में 9 विधानसभा अध्यक्ष में से 3 को बदल दिया गया है। मायावती की नीति है कि विधानसभा चुनावों के दौरान जो पार्टी कैडर बसपा से छिटक गया था, उसकी घर वापसी करायी जाए। बसपा से भाजपा में गए तमाम नेता आज भी पार्टी में संतुष्ट नहीं हैं। मायावती की नजर उन पुराने बसपाईयों पर भी है जिनका भाजपा के साथ मोह भंग हो रहा है। बसपा के एक सदस्य का कहना है कि बहुत सारे लोग, खासकर भाजपा से, हमारे संपर्क में हैं और जल्द ही आने वाले दिनों में ये लोग भी घर वापसी कर सकते हैं।

सरोज ने सपा में जतायी थी निष्ठा, बने थे महासचिव

2017 में बसपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने पार्टी छोड़ दी थी। वे सपा में शामिल हो गए थे और इन्हें पार्टी में महासचिव का पद दिया गया था। अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए तब सरोज ने कहा था कि सपा में बोलने, उठने, बैठने की आजादी है। तब इन्होंने बसपा की पोल खोलने की भी बात कही थी। अगस्त 2017 में इंद्रजीत सरोज ने मायावती पर विधानसभा चुनावों के दौरान टिकट बेचने का बड़ा आरोप लगाया था। बसपा संस्थापक सदस्य सरोज ने तब आरोप लगाया था कि जिस तरह से नरेंद्र मोदी के राज में देश में अघोषित आपातकाल है, वैसा ही हाल मायावती के नेतृत्व में बसपा में है। अंतत: मायावती ने इन्हें पार्टी से निकाल दिया था। बसपा के लिए यह बड़ा झटका था। इंद्रजीत मायावती के विश्वसनीय नेताओं में माने थे। वे इलाहाबाद से चार बार विधायक रहे हैं।

विनोद सिंह का भी अखिलेश से मोहभंग

इसी तरह पूर्व मंत्री और पूर्व बसपाई विनोद सिंह ने भी सपा का दामन छोडकऱ बसपा ज्वाइन कर ली है। विनोद बसपा सरकार में पर्यटन मंत्री रहे हैं। सुलतानपुर जिले में विनोद सिंह बड़े नेता माने जाते हैं। यह बसपा सुप्रीमो के काफी करीबी माने जाते हैं। इनके भाई अशोक सिंह भी विधानपरिषद सदस्य रहे हैं। विनोद सिंह इसके पहले कांग्रेस पार्टी में भी रहे हैं।

गठबंधन पर असर नहीं

इंद्रजीत सरोज और विनोद सिंह जैसे कद्दावर नेताओं के समाजवादी पार्टी छोडऩे के सवाल पर सपा प्रवक्ता का कहना है कि राजनीतिक दलों ने नेताओं का आना जाना लगा रहता है। इससे पार्टी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता। इंद्रजीत सरोज और विनोद सिंह पुराने बसपाई हैं जो सपा में अपने को फिट नहीं कर पा रहे थे। बसपा के साथ बनने वाले गठबंधन पर इन नेताओं के आने जाने से कोई असर नहीं पड़ेगा।