
रायबरेली. दुनिया भर में 'आयरन लेडी' के नाम से मशहूर भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज पुण्यतिथि है। इस दिन को देशभर में बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इंदिरा गांधी का रायबरेली में काफी पुराना नाता है। स्वर्गीय इंदिरा गांधी के पति स्व. फिरोज गांधी वर्ष 1951 और 1957 में रायबरेली से सांसद रहे। 1967 में इंदिरा गांधी ने रायबरेली से 1971 में सांसद चुनी गईं। वर्तमान में इंदिरा गांधी की बहू सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद हैं।
स्व. इंदिरा गांधी भले ही जीवित नहीं है, लेकिन रायबरेली की जनता के दिलों में आज भी राज करती हैं। रायबरेली के पुराने कांग्रेसियों का मानना है कि यहां की जनता को जो प्यार इंदिरा गांधी ने दिया था, शायद ही कोई दूसरा नेता दे सके। रायबरेली के लोग जब भी इंदिरा गाँधी से मिलने दिल्ली जाते थे, तो इंदिरा गांधी उनसे उनके घर के विषय में सबसे पहले पूछती थीं कि आपका परिवार कैसा है , कोई परेशानी तो नहीं है। जिले के पुराने कांग्रेसी बताते हैं कि इंदिरा गांधी खासियत यह थी कि वह यहां के लोगों को उनके नाम से पहचानती थीं। अगर कोई रस्ते में मिल जाता था, तो वह गाड़ी में बैठे-बैठे उस व्यकित को नाम से पुकारकर रोक लेती थीं।
गाड़ी से उतरकर लोगों का हाल पूछती थीं
रायबरेली की जनता के दिल में आज भी इंदिरा गांधी के प्रति सम्मान है। रायबरेली के लोगों पुरानी बातों को याद करते हुए बताया कि यहां पर फिरोज गांधी आया करते थे तो उनके साथ कभी-कभी इंदिरा गांधी भी लोगों से मिला करती थे। फिरोज गांधी की मौत के बाद जब वह खुद रायबरेली से सांसद बनीं तो जनता से एक परिवार की तरह मुलाकात करती थीं, चाहे फिर वह दिल्ली हो या रायबरेली। दोनों जगह लोगों को भरपूर सम्मान देती थीं। जिले के लोगों ने बताया कि इंदिरा गांधी सभी के घर जाकर उनकी समस्याएं और उनके बच्चों के बारे में ज्यादा पूछा करती थीं। अगर रास्ते में उनसे कोई मिलने की कोशिश करता तो वह अपनी गाड़ी से उतरकर तुरंत बच्चे से उसका हालचाल पूछती थीं।
जनता को मां जैसा प्यार देती थीं इंदिरा गांधी
जिले के पुराने कांग्रेसी कहते हैं कि इंदिरा गांधी के रूप में रायबरेली को एक ऐसी सांसद मिली जो नेता कम मां जैसी ज्यादा दिखती थीं। वह जनता को अपने बच्चे की तरह ध्यान दिया करती थीं। इंदिरा गांधी केवल रायबरेली ही नहीं, सारे देश का इसी तरह ख्याल रखती थीं। उनके मुताबिक, रायबरेली में इंदिरा गांधी ने जनता को रोजगार का सहारा दिया। करीब 200 फैक्ट्रियां, सड़कें, पुल, इंस्ट्टीयूट, लाइब्रेरी स्कूल आदि ऐसी न जाने कितनी जनता की जरूरतों को पूरा करने की पूरी कोशिश की। उनके समय में रायबरेली की जनता काफी खुश थी।
न्यूयार्क में रायबरेली की चर्चा
इंदिरा गांधी जब तीन दिन की न्यूयार्क यात्रा पर थीं, उन्होंने एक पुस्तकालय में जाकर आचार्य महावीर प्रसाद जी की किताब देखी और उसके बारे में जाना तो तुरंत अपने साथ रह रहे यशपाल कपूर जी और पंडित गयाप्रसाद शुक्ला जी से कहा कि जब वह रायबरेली जाएंगी तो इस तरह के महापुरुष के लिए कुछ करेंगी। और जब वह रायबरेली आईं तो उन्होंने सराय बहेलिया खेड़ा से दौलत पुर वाया भोजपुर बनवाया था, जिसका उद्घाटन उन्होंने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम से किया था।
घरेलू नाम इंदु था
इंदिरा गांधी का पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शनी गांधी था। इंदिरा गांधी का घरेलू नाम इंदु था। इनका जन्म इहालाबाद के आनंदभवन में हुआ था। इंदिरा गांधी के जन्म पर दादा पंडित मोतीलाल नेहरू ने कहा था कि पौत्री के रूप में उन्हें लक्ष्मी और दुर्गा की प्राप्ति हुई है। इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवम्बर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। उनकी हत्या 31 अक्टूबर 1984 में हुई थी।
प्रियंका में दिखती इंदिरा की छवि
जिले के कांग्रेसी नेता कहते हैं कि आज रायबरेली ही नहीं सारा हिंदुस्तान प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि देख रहा है। प्रियंका गांधी में ही वो काबिलियत है जो अपनी दादी की जमीन को फिर से हरा भरा कर सकती हैं। उनका मानना है कि प्रियंका गांधी ही देश को इंदिरा गांधी की तरह विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा सकती हैं।
जानें- खास बातें
- इंदिरा गांधी के पिता का नाम जवाहरलाल नेहरु था जो स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। माता का नाम कमला नेहरू था। मोतीलाल नेहरु उनके दादा थे।
- फिरोज गांधी इंदिरा गांधी के पति थे। राजीव गांधी और संजय गांधी इंदिरा और फिरोज के पुत्र थे।
- वर्ष 1941 में भारत वापस आने के बाद वे भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में शामिल हुईं।
- 1942 में ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन में शामिल होने के कारण उन्हें जेल की सजा हुई।
- इंदिरा गांधी देश की तीसरी और प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनीं।
- उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें 1971 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।
- बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया
- बांग्लादेश को स्वतंत्र कराया
- निर्धन लोगों के उत्थान के लिए आयोजित 20 सूत्रीय कार्यक्रम
- गुट निरपेक्ष आन्दोलन की अध्यक्षा
- प्रिवी पर्स (राजभत्ता, निजी कोष) बंद किया
Updated on:
31 Oct 2017 02:43 pm
Published on:
31 Oct 2017 12:02 pm
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