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स्मृति ईरानी: मॉडल से मंत्री बनने तक की पूरी कहानी

B'day Special: स्मृति ईरानी आज जिस मुकाम पर हैं, दूसरों के लिए परीकथा के ही समान है

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Hariom Dwivedi

Mar 23, 2016

Smriti Irani

Smriti Irani

लखनऊ.
23 मार्च यानी आज केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जन्मदिन है। 2014 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं। यूपी में 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने की चर्चा जोरों पर है। तो आइए उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं स्मृति ईरानी के मॉडल से मंत्री बनने की पूरी कहानी।


स्मृति ईरानी 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी के किरदार में घर-घर तक पहुंच चुकी थीं। अब वह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के तौर पर दुनिया में देश को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।


स्मृति ईरानी आज जिस मुकाम पर हैं, दूसरों के लिए परीकथा के ही समान है। यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी मुश्किलात का सामना करना पड़ा। मॉडलिंग के जरिये करियर को नई उड़ान देने वाली स्मृति ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि वह एक दिन भारत सरकार की केंद्रीय मंत्री भी बन पाएंगी।


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स्मृति मलहोत्रा का जन्म 23 मार्च 1976 को दिल्ली में हुआ था और उन्होंने यहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की। 10वीं की परीक्षा पास करने के बाद ही स्मृति ने अपने पिता के काम में हाथ बटाना शुरू कर दिया। पहले वह सौंदर्य प्रसाधन बेचा करती थीं।


रुढ़िवादी समाज की बंदिशें तोड़कर स्मृति ने 1998 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन फाइनल तक नहीं पहुंच पाईं। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मुंबई जाकर एक्टिंग में करियर तराशना शुरू कर दिया। मायानगरी में जब उन्हें कोई काम नहीं मिला तो धुन की पक्की स्मृति ने जेब खर्च चलाने के लिए रेस्टोरेंट में सफाई तक करना एक्सेप्ट कर लिया। उन्हीं दिनों उन्हें मीका सिंह के एक एलबम में काम करने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें एक दो सीरियल में छोटे-छोटे रोल मिले।


स्मृति की किस्मत तब चमकी, जब एकता कपूर ने उन्हें 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी के किरदार के लिए ऑफर किया। तुलसी के किरदार में स्मृति ने सभी को अपना दिवाना बना लिया। इसी दौरान उन्होंने जुबिन ईरानी से शादी कर ली। जिनसे उनके दो बच्चे है।


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यहां जानिए उनके राजनीतिक करियर के बारे में


जन्म- 23 मार्च 1975


शिक्षा- 12वीं पास


बचपन में आरएसएस से जुड़ीं


2003 में बीजेपी ज्वॉइन की


2004 में महाराष्ट्र विंग की वाइस प्रेसीडेंट चुनी गईं


2004 के लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़ीं। कपिल सिब्बल से हार का सामना करना पड़ा।


2004 में बीजेपी की कोर कमेटी की सदस्य बनीं


2010 में बीजेपी की नेशनल सेक्रेटरी चुनी गईं


2011 में ऑल इंडिया महिला मोर्चा की की अध्यक्ष चुनी गईं


2011 में गुजरात से राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ली


2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी में चुनाव लड़ा और चुनाव हार गईं


2014 में पीएम मोदी ने उन्हें एचआरडी मंत्रालय सौंपा। स्मृति बीजेपी कैबिनेट की सबसे कम उम्र की महिला सदस्य बनीं