पदमश्री डॉ.रणधीर सूद ने बताया कि गुब्बारे की विधि 30 मिनट में पूरी हो जाती है। पेट में गुब्बारा डालने के बाद उसमें स्लाइन और पानी भर दिया जाता है, जो नुकसान भी नहीं करता है। इसमें मरीज को कम भूख लगती है और 6 महीने में वजन कम होने के बाद 1 साल में गुब्बारे को निकाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि एंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी भी लैप्रोस्कोपी से करने वाले आपरेशन की तरह कारगर है। यहीं नहीं, अब तो मोटापे को कम करने के लिए डूअडीनल और रीसफसिंज्ञग जैसी विधियां भी मोटापा कम करने के साथ ही डायबिटीज और फैटी लिवर में सुधार करती हैं।