
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री श्रवण यात्रा योजना के तहत बुजुर्गों को इस साल तीर्थ यात्रा का मौक़ा नहीं मिल सकेगा। आईआरसीटीसी ने बजट नहीं मिलने के कारण अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में प्रस्तावित यात्राएं रोक दी है। यूपी सरकार के धर्मार्थ कार्य विभाग से बजट न मिल पाने के कारण यात्राएं स्थगित की गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का धर्मार्थ कार्य विभाग बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को तीर्थ यात्राएं कराता है जिसके लिए आईआरसीटीसी को सेवा प्रदाता के रूप में अधिकृत किया गया है।
बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए शुरू हुई थी योजना
इस योजना के तहत बुजुर्गों के लिए निशुल्क ट्रेनें चलाई जाती हैं। ये ट्रेनें बुजुर्गों को तीर्थ स्थलों की सैर कराती है। पिछली अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में यह योजना समाजवादी श्रवण यात्रा के नाम से शुरू हुई थी। यूपी में सरकार बदलने के बाद इस योजना का नाम मुख्यमंत्री श्रवण यात्रा कर दिया गया है। सरकार आईआरसीटीसी को प्रति यात्रा एक करोड़ रूपये का भुगतान करती है। यूपी सरकार ने योजना के लिए 14 करोड़ रूपये का आवंटन किया था लेकिन अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया जिसके कारण यात्रा रोक दी गई है।
पिछले साल छह जबकि इस साल केवल दो ट्रेनें हुई संचालित
अक्टूबर महीने में सोमनाथ और द्वारका के लिए यात्राएं प्रस्तावित थीं जबकि नवंबर में मदुरै व रामेश्वरम और दिसंबर में पुरी व कोणार्क की यात्रा होनी थी। बजट नहीं मिलने के कारण इन सभी यात्राओं को रोक दिया गया है। इस योजना के तहत अब तक दस हज़ार से अधिक बुजुर्गों को दक्षिण, मध्य और पश्चिमी भारत की यात्राएं कराई जा चुकी हैं। साल 2016 में कुल 6 श्रवण यात्रा ट्रेनें चलाई गईं जबकि साल 2017 में केवल 2 ट्रेनों का ही संचालन हो सका है। आईआरसीटीसी के लखनऊ क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि बजट उपलब्ध न हो पाने के कारण प्रस्तावित यात्राएं रोक दी गई हैं।
Published on:
30 Oct 2017 12:57 pm
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