21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्टाफ नर्स भर्ती की फिर से बनेगी मेरिट, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

स्टाफ नर्स और एएनएम के 4688 पदों के लिए हुई लिखित परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद लिखित परीक्षा के परिणाम पर रोक लगा दी गई है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Laxmi Narayan

Dec 27, 2017

nhm bharti

लखनऊ. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्टाफ नर्स और एएनएम के 4688 पदों के लिए हुई लिखित परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के बाद लिखित परीक्षा के परिणाम पर रोक लगा दी गई है। परीक्षा की कट ऑफ लिस्ट नए सिरे से जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। एनएचएम के जीएम एचआर संदीप सक्सेना को निलंबित कर दिया गया है। एनएचएम निदेशक ने कहा है कि संशोधित परीक्षा परिणाम जल्द जारी किये जायेंगे। सरकार ने एनएचएम निदेशक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

दरअसल स्वास्थ्य महकमे में स्टाफ नर्सों और एएनएम की भर्ती के लिए 22 जुलाई 2017 को विज्ञापन जारी किया गया था। लिखित परीक्षा 5 नवंबर को पूरे प्रदेश में आयोजित की गई और लिखित परीक्षा का परिणाम 22 दिसम्बर 2017 को घोषित किया गया। एनएचएम भर्ती परीक्षा रिजल्ट जारी होने के बाद जो कट ऑफ जारी हुआ, उस पर विवाद शुरू हो गया। परीक्षा में 90 में से 3 और 8 अंक पाने वाले कैंडिडेट चयनित बताये गए जबकि 64 अंक वालों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

मामला सामने आने के बाद एनएचएम के मिशन निदेशक पंकज कुमार ने यह कहकर सफाई दी कि जिलेवार मेरिट बनने के कारण यह भ्रम पैदा हुआ है। हालाँकि उनकी सफाई के बाद भी विवाद नहीं थमा और शासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए परीक्षा परिणाम पर रोक लगाने कके आदेश दिए। परीक्षा परिणाम पर रोक लगाने के बाद अब नया कट आफ जारी करने की तैयारी चल रही है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की यह भर्ती प्रक्रिया विपक्ष के निशाने पर भी आ गई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार अपने आठ महीने के कार्यकाल में जनता को किसी भी तरह की राहत दे पाने में नाकाम रही है।

यह भी पढें - नए बरस के जश्न पर होगा ठंड का पहरा