लखनऊ.मुंबई से इस्लाम के प्रचार के नाम पर आतंक की क्लास देने वाले ज़ाकिर नाईक के खिलाफ लखनऊ के शिया मौलाना खड़े हो गए हैं। शिया मौलाना यासूब अब्बास ने बांग्लादेश के ढाका में हुए आतंकी घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने खुले शब्दों में ज़ाकिर नाईक को आतंकवाद की ट्रेनिंग देने वाला आतंकी गुरु कहा है। उन्होंने पत्रिका से हुई खास बातचीत में कहा की भारत में उनके धर्म सभाओं पर रोक लगने की ज़रूरत है।
ज़ाकिर नाईक के विवादास्पद बयानों और मज़हब के नाम पर एक दूसरे को लड़ाने वाले बोल लखनऊ के शिया मौलानाओं को बिल्कुल भी पसंद नहीं। यही वजह थी लखनऊ में अमन और शांति को कायम रखने के लिए ज़ाकिर नाईक के लखनऊ के दौरे को रद्द करवाने में मौलाना यासूब अब्बास ने अहम भूमिका निभाई थी।
यासूब अब्बास से खास बातचीत में उन्होंने बताया की ज़ाकिर धर्म के नाम पर युवाओं को गुमराह कर रहा है। इस्लाम में आतंक की कोई जगह नहीं। ज़ाकिर को सऊदी अरब से मदद मिल रही है जिसके बल पर वह धर्म का झूठा प्रचार करके लोगों को आतंकवाद में धकेल रहा है। वह धर्म की बात करके मीठे रसगुल्ले में ज़हर बेच रहा है। अपनी बातों से वह युवाओं के ज़ज़्बातों से खेल रहा है इसका परिणाम बांग्लादेश में दिख गया है। ओसामा को शहीद बताने वाला भारत के लिए खतरा पर्सनल लॉ तलाक मेंबर कमेटी के सदस्य यासूब अब्बास ने बताया की ज़ाकिर अपने भाषणों में यह बोल चुका है की ओसामा बिन लादेन शहीद हुआ है। उनकी इसी बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है उसकी सोच कैसी है? आज उसने पड़ोसी देश में युवाओं को गुमराह किया है कल को भारत के युवा भी उसकी बातों में आकर देश में दहशतगर्दी को बढ़ावा देंगे। ज़ाकिर की तकरीरों पर लगे प्रतिबंध
उन्होंने भारत सरकार से मांग की है की ज़ाकिर के तकरीरों पर प्रतिबंध लगना ज़रूरी है। अगर ऐसा जल्द नहीं किया गया तो देश को बहुत नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ज़ाकिर के सपोर्ट में उतरीं बेगम शहनाज़ सिदरत
राजधानी के फिरंगी महल खानदान से ताल्लुक रखने वाली बज़्म-ए-ख़वातीन की अध्यक्ष बेगम शहनाज़ सिदरत पूरी तरह ज़ाकिर नाईक के समर्थन में हैं। उन्होंने पत्रिका को बताया की ज़ाकिर नाईक से शिया धर्म गुरु खफा हैं। उनके धर्म प्रचार से शिया धर्मगुरुओं की दुकान बंद हो रही जिससे वह तिलमिलाए हुए हैं। यही वजह थी की लखनऊ के शियाओं ने कुछ साल पहले ज़ाकिर नाईक के दौरे को रुकवाया था। ज़ाकिर आतंकवाद का समर्थन नहीं करते बल्कि वह इस्लाम का सही मतलब लोगों को बता रहे हैं। उनके फॉलोवर की संख्या करोड़ों में है। ऐसे में इस्लाम का सही मतलब लोगों तक ना पहुंच सके इसको रोकने की साजिश की जा रही है।
बेगम शहनाज़ सिदरत ने कहा की यासूब अब्बास जैसे मौलाना भारत में रहकर ईरान के फतवे को मानते हैं तो वह भारत की बेहतरी के लिए क्या सोचेंगे? ज़ाकिर नाईक भारत में ईद का चांद देख कर ईद मनाते हैं वह सच्चे हिन्दुस्तानी हैं। वह बताती हैं की सुन्नी कभी भी आतंकवाद को इजाजद नहीं देता। मैं नमाज़ भी पढ़ी हूं और मुझे ओम जय जगदीश हरि भी पढ़ना अच्छा लगता है। ज़ाकिर नाईक के बारे में मुंबई में रहने वाला ज़ाकिर पेशे से डॉक्टर था लेकिन उसने इस्लाम का प्रचार करना शुरू कर दिया। वह मुंबई में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का संचालन कर रहा है। उसने पीस टीवी की शुरुवात की जिससे वह अपने भाषण दुनिया तक फैला रहा। गौरतलब है की बांग्लादेश के ढाका में हुए आतंकी घटना को जिन युवकों ने अंजाम दिया है वह ज़ाकिर के बयानों से प्रभावित थे।