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‘अवैध मतदाताओं को बाहर करना जरूरी’, मुख्तार अब्बास नकवी बोले- मस्जिद में राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को अवैध मतदाताओं की समीक्षा, कांवड़ यात्रा की पवित्रता और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर अपनी राय रखी।

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लखनऊ

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Aman Pandey

Jul 24, 2025

MUKHTAR ABBAS NAQVI

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ( Photo Source : IANS File )

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मतदाता सूची की समीक्षा में अवैध मतदाताओं को चिन्हित करना और वैध मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। कुछ लोग अवैध मतदाताओं को संरक्षण देने की कोशिश कर रहे हैं, जो गलत है। कोई भी देश अवैध मतदाताओं की जनसंख्या वृद्धि को नजरअंदाज नहीं कर सकता। अवैध मतदाताओं को चिन्हित कर बाहर करना चाहिए। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लोकतंत्र के हितों पर कोई कुठाराघात नहीं हो। अवैध मतदाताओं की पहचान जरूरी हो जाती है।

कांवड़ यात्रा की पवित्रता पर बोले नकवी

कांवड़ यात्रा को लेकर नकवी ने कहा कि कांवड़ यात्री अपनी आस्था और संस्कृति के साथ पवित्र यात्रा करते हैं। उनकी सुरक्षा और यात्रा की शुद्धता को बनाए रखना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।

फूल बरसाना सांप्रदायिक और पत्थर फेंकना धर्मनिरपेक्ष?"

नकवी ने कहा कि कांवड़ियों पर फूल बरसाने को सांप्रदायिकता और पत्थरबाजी को धर्मनिरपेक्षता बताने की कोशिश गलत है। यह भ्रम पैदा करने की साजिश है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के साथ-साथ शासन को भी कांवड़ियों की पवित्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

हाल ही में अखिलेश यादव की मस्जिद में सांसदों के साथ चाय पीने की तस्वीर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हुआ। अखिलेश यादव ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोग धर्मनिरपेक्षता का चोला पहनकर सांप्रदायिकता फैलाते हैं।

'धर्मनिरपेक्षता के नाम पर राजनीतिक छल'

इस पर नकवी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "राजनीतिक गतिविधियां मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे में नहीं, बल्कि कार्यालयों या सार्वजनिक स्थानों पर होनी चाहिए। मस्जिद में सियासी कार्यक्रम को धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बताना छल है। ऐसी हरकतें समावेशी सशक्तीकरण को कमजोर करती हैं और इन्हें रोकना जरूरी है। इस तरह की हरकतें एक स्वस्थ लोकतंत्र में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती हैं।”

सोर्स: IANS